बलरामपुर। मानसून आने में मात्र सात दिन शेष हैं। इसके बावजूद नगर पालिका परिषद की ओर से अब तक 65 फीसदी नगर के बड़े नालों की सफाई पूरी नहीं हो सकी है, जबकि शासन की ओर से भी मानसून आने से पहले नालों की साफ सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। नालों की सफाई न होने से नगरवासियों की मुसीबतें बढ़ना तय हैं। नगर पालिका की उदासीनता का खामियाजा नगरवासियों को गंदगी व जलभराव से भुगतना पड़ सकता है।
शहर में पानी की निकासी के लिए छोटे-बड़े करीब 35 नाले हैं। इसके बाद भी हर साल शहर में जल निकासी न होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। काम सुस्त गति से होने के कारण अब तक किसी भी नाले की सफाई का काम पूरा नहीं हो सका है। नए नालों का निर्माण भी अधूरा होने के कारण सिल्ट सड़क पर ही पड़ी हुई है। ऐसे में 65 फीसदी छोटे-बड़े नालों की सफाई का कार्य होना बाकी है। इसमें भी अब तक वीर विनय चौराहा, झारखंडी रेलवे क्रासिंग व गली मोहल्लों में बने नालों की सफाई अभी शुरू भी नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि पालिका को समय से ही नालों की सफाई करा लेनी चाहिए, मानसून शुरू होते ही नालों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ जाएगा। इससे वर्षा के दौरान गंदे पानी से होकर गुजरने के लिए फिर मजबूर होना पड़ेगा।
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बारिश में यहां होता है जलभराव
सिविल लाइन, नई बस्ती, तुलसीपार्क, खलवा, सराय फाटक, विजय टाकीज के पीछे तथा अंधियारी बाग आदि स्थानों पर भीषण जलभराव होता है। यहां रहने वाले लोगों के घरों में बारिश व नाले का गंदा पानी घुस जाता है। नगरवासी श्याम किशोर, मोहित, राजेश, संतोष व राजू आदि ने बताया कि नगर पालिका की उदासीनता का खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ेगा। इन लोगों ने शीघ्र नाला निर्माण कराए जाने की मांग की है।
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सफाई के लिए लगाई गई टीमों को समय से सभी नालों की सफाई करने के निर्देश दिए गए है। जल्द ही कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
- राजमणि, ईओ नगर पालिका परिषद