एमएलके महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार में मौजूद विद्यार्थी व शिक्षक।-संवाद
बलरामपुर। एमएलके महाविद्यालय सभागार में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का समापन बुधवार को हुआ। वनस्पति विज्ञान विभाग व माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सेमिनार में सूक्ष्म जीवों (बैक्टीरिया) के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान पोस्टर व ओरल प्रजेंटेशन के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।
सेमिनार के समापन सत्र का शुभारंभ सेमिनार के अध्यक्ष व महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय, मुख्य अतिथि सीमैप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रमेश श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि डॉ. शुचि श्रीवास्तव, डॉ. जेपी तिवारी, प्रो. श्रवण कुमार व डॉ. राजीव रंजन ने दीप जलाकर एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन से किया।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि औषधीय सुगंधित पौधे किसानों की आय बढ़ाने में उपयोगी हो सकते हैं। उन्होंने युवाओं को रोजगार के लिए नौकरी पर आश्रित न रहकर जैविक खेती के क्षेत्र में कुछ अलग करने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि ने कहा कि कृषि के लिए पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देने वाले बैक्टीरिया किसी वरदान से कम नहीं हैं। मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने वाले बैक्टीरिया को संरक्षित करने के लिए खेतों में पराली नहीं जलानी चाहिए।
दक्षिण अफ्रीका से ऑनलाइन जुड़ीं डॉ. अमृता रंजन ने सूक्ष्म जीव विज्ञान में उभरते रुझान विषय पर विचार साझा किए। सेमिनार पांच देशों व नौ राज्यों के लगभग 500 प्रतिनिधि शामिल हुए। श्रवण कुमार ने दो दिवसीय सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। राष्ट्रगान के साथ सेमिनार का समापन हुआ। इस मौके पर डॉ. शिव महेंद्र सिंह, लेफ्टिनेंट डॉ. देवेन्द्र कुमार चौहान, डॉ. राहुल कुमार, राहुल यादव, अजय श्रीवास्तव, सौम्या, राशि सिंह आदि मौजूद रहीं।