बलरामपुर के मणिपुर सहिजना में मरीज देखता फार्मासिस्ट।
हरैया सतघरवा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मणिपुर सहिजना में अव्यवस्था का बोलबाला है। चिकित्सकों के न बैठने और फार्मासिस्ट की तैनाती न होने के कारण मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। वार्डबॉय के सहारे अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरा के तहत संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मणिपुर सहिजना में स्टाफ व संसाधनों की भारी कमी है। पीएचसी में तैनात चिकित्साधिकारी कई दिनों से नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन व स्वीपर कम चौकीदार की तैनाती नहीं है। चिकित्सक व फार्मासिस्ट की गैरमौजूदगी में मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। स्वीपर न होने के कारण अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। परिसर में झाड़ियां उगी हुई है। शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है।
मरीज बेला देवी व सपना ने बताया कि चिकित्सक दो दिनों से नहीं आ रहे हैं। ऐसे में वार्डबॉय से दवा ली है। वार्डबॉय विनोद कुमार दूबे व आनंद कुमार शुक्ल ने बताया कि फार्मासिस्ट न होने के कारण चिकित्सीय कार्य करना पड़ता है। अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण कुत्ता और बंदर के काटने पर लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया जाता है। इन्वर्टर जल जाने के कारण बिजली व्यवस्था भी प्रभावित है।
सीएचसी शिवपुरा के अधीक्षक डॉ. रजत शुक्ल ने बताया कि फार्मासिस्ट व अन्य कर्मचारियों की तैनाती के लिए पूर्व में ही सीएमओ को पत्र लिखा गया है। चिकित्साधिकारी क्यों नहीं आ रहे हैं, इस संबंध में जानकारी ली जाएगी।
पीएचसी में नियमित नहीं बैठ रहे चिकित्सक
पचपेड़वा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पूर्व अधीक्षक डॉ. विजय कुमार की तैनाती सीएमओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मणिपुर सहिजना में चिकित्साधिकारी के रूप में की थी। उनकी तैनाती होने के बाद से ही वह नियमित पीएचसी में नहीं बैठ रहे हैं। इसकी शिकायत भी स्थानीय लोगों ने की थी। विभागीय कार्रवाई न होने के कारण चिकित्सक मनमाना रवैया अपना रहे हैं।