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Balrampur News: डॉक्टर नदारद, फार्मासिस्ट के सहारे इलाज

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बलरामपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर उपचार मुहैया करने के लिए शुरू किया गया मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला मनमानी की भेंट चढ़ता दिख रहा है। डॉक्टर मेले में जाते ही नहीं है, उनकी जगह फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज कर दवा दे रहे हैं।
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हाल ये है कि एक अस्पताल में एलोपैथ की जगह होम्योपैथिक डॉक्टर मरीजों का इलाज करते मिले। डॉक्टरों की उदासीनता के चलते मुफ्त इलाज की उम्मीद लेकर मेले में आने वाले मरीजों को निराश लौटना पड़ता है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को जन आरोग्य मेले में दिखा। पेश है रिपोर्ट -
पीएचसी इटईरामपुर में दोपहर 12:30 बजे फार्मासिस्ट संतोष सिंह मरीजों को देखते मिले। मरीज शांति देवी, सोमनी देवी व नूरूल हसन ने बताया कि डॉ. मकसूद की ड्यूटी है, लेकिन वह नहीं आए हैं। फार्मासिस्ट इलाज कर रहे हैं। सोमनी देवी को ग्लूकोज चढ़ रहा था।
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पीएचसी मथुरा बाजार में जन आरोग्य मेले में डॉ. रजत शुक्ल की ड्यूटी थी मगर वह नहीं आए। फार्मासिस्ट सिब्ते हसन जैदी मरीजों को दवा दे रहे थे। बताया कि डॉक्टर अभी आ रहे हैं। अब तक 33 मरीजों का इलाज किया गया है।
पीएचसी गुगौली में अपराह्न 01.25 बजे स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की भीड़ थी। फार्मासिस्ट अनुराग गुप्त मरीजों को दवा दे रहे थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। अब तक राजन मिश्र, मिथिलेश कुमारी, रामसुंदर समेत 15 मरीजों को दवा दी गई है।
पीएचसी कौवापुर में अपराह्न 01.40 बजे होम्योपैथिक डॉक्टर उजास शुक्ल मरीजों को दवा दे रहे थे। वार्ड ब्वाय शीतला प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में कोई डॉक्टर व फार्मासिस्ट तैनात नहीं है।
पीएचसी महदेइया में दोपहर डेढ़ बजे तक एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ था। डॉ. मनीष ने बताया कि अब तक कोई नहीं आया है।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला एक महत्वाकांक्षी योजना है। सभी चिकित्सकों को निर्देश जारी कर रविवार को अस्पताल में बैठकर ओपीडी करने का निर्देश दिया गया है। रविवार को जिलेभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 679 मरीजों का इलाज हुआ। अनुपस्थित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
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