बलरामपुर। विश्व हृदय दिवस पर नगर स्थित एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मौजूद विशेषज्ञों ने हृदय रोग के कारण व लक्षण बताते हुए चेताया कि सांस फूलने के साथ ही धड़कन तेज हो जाने को कदापि नजरअंदाज न करें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हॉस्पिटल के संचालक डॉ. आसिफ ने कहा कि अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ते तनाव के चलते ही हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बीते 15 सालों में हृदय रोगियों की संख्या करीब ढाई गुना बढ़ी है। 500 मीटर पैदल चलने या 20 से 25 सीढि़यां चढ़ने पर सांस फूलना हृदय रोग का संकेत हो सकता है। जिला महिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि अधिक मोटापा, पैरों में सूजन की परेशानी, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के अधिकांश मरीज हृदय रोग से भी पीड़ित होते हैं। अत्यधिक ध्रूमपान अथवा शराब का सेवन भी हृदय रोग का कारण बन सकता है। इसे नजरअंदाज करना जानलेवा भी हो सकता है।
डॉ. अलमास ने कहा कि अब तो युवाओं में भी हृदय रोग तेजी से बढ़ रहा है। कामकाजी युवा जो अधिक समय तक बैठकर कार्य करते हैं, खानपान में फास्टफूड व कोल्डड्रिंक का इस्तेमाल अधिक करते हैं, देर रात में सोते हैं, वह हृदय रोग की चपेट में आ सकते हैं। तली-भुनी चीजे अधिक खाने से व्यक्ति में कोलेस्ट्राल बढ़ता है। हृदय की नशों में चर्बी जमा होने लगती है। रक्त संचार और ऑक्सीजन प्रभावित होने से हार्ट अटैक की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।