फोटो-13-बलरामपुर के हरैया सतघरवा में विद्यार्थियों को जागरूक करते वनकर्मी ।-संवाद
हरैया सतघरवा। विश्व प्राणी सप्ताह के तहत जंगल से सटे क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को वन्यजीवों से सुरक्षित रहने के उपाय बताने के लिए मंगलवार को विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। वनकर्मियों ने बच्चों को बताया कि रास्ते में जंगली जानवर दिखाई दे तो घबराएं नहीं और अकेले उसके पास जाने या उसे छेड़ने का प्रयास न करें। शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के बरहवा रेंज की लौकी बीट स्थित प्राथमिक विद्यालय हरैया में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय वनाधिकारी बृजेश सिंह परमार ने बताया कि जंगल से सटे गांवों के विद्यालयों में बच्चों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वन दरोगा सिकंदर यादव और वनरक्षक अमर कुमार मिश्र ने वन एवं वन्यजीवों के महत्व के साथ ही उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
इसी क्रम में तेंदुआ नगर बीट के महमूद हसन कृषक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बुधनगर में वन दरोगा गौरव मिश्र और वनरक्षक मनीष सिंह ने विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा के उपाय बताए। कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार, शिक्षक हंसराज गुप्ता, प्रवेश कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
जंगली जानवर दिखे तो सुरक्षित दूरी से लोगों को बुलाएं
कार्यक्रम के दौरान छात्र अजय कुमार ने पूछा कि स्कूल जाते समय रास्ते में जंगली जानवर दिखाई दे तो क्या करना चाहिए। इस पर वन दरोगा ने बताया कि बच्चों को हमेशा समूह में स्कूल जाना चाहिए। वन्यजीव दिखाई देने पर उसके पास न जाएं और न ही उसे छेड़ें। शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाएं और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं, ताकि वन्यजीव स्वयं जंगल की ओर लौट जाए।
छात्रा सुमन के सवाल पर बताया गया कि बाघ जैसे वन्यजीवों की गतिविधियां सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद अधिक रहती हैं। ऐसे समय जंगल के किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचना चाहिए। किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को देनी चाहिए।