बलरामपुर। बलरामपुर में प्रशासनिक महकमे के लिए शुक्रवार का दिन कौतूहल भरा रहा। बृहस्पतिवार को युवक के आत्मदाह के प्रयास के मामले में डीएम-एसपी के आमने-सामने आने के चंद घंटे के भीतर ही शासन ने दोनों को हटा दिया। अब यह मामला सुर्खियों में छाया हुआ है।
दरअसल, डीएम अरविंद सिंह व एसपी केशव कुमार पर्दे के पीछे लंबे समय से आमने-सामने थे। ताजा मामला रेहरा के राजू सोनकर से जुड़ा है। बुधवार को राजू ने कलेक्ट्रेट में आत्मदाह का प्रयास किया था। मामले को लेकर डीएम ने पीड़ित राजू के बयान के आधार पर प्रेस नोट जारी कर पुलिस की कारगुजारी की जांच के आदेश दिए थे। इस पर बृहस्पतिवार को एसपी केशव कुमार पहली बार सामने आए। उन्होंने खुले तौर सूचना विभाग के प्रेस नोट में उठाए गए सवालों का खंडन किया। हालांकि इसके बाद डीएम ने भी एसपी को कई मुद्दों पर घेरा। डीएम व एसपी के आमने-सामने आने के कुछ ही घंटों में शासन ने दोनों को हटा दिया। वैसे इससे पहले गैड़ास बुजुर्ग के मामले को लेकर भी कई बार अंदरखाने में दोनों अफसरों के बीच तल्खी रही।
डीएम-एसपी के हटाए जाने के बाद हर किसी की जुबां पर कई सवाल रहे। सभी अपने-अपने स्तर से दोनों अफसरों के कामकाज का आकलन कर रहे हैं। वीर विनय चौराहे पर शुक्रवार को चाय की चुस्कियों के बीच रामप्रकाश, सत्यदेव, पंकज व मनोहर के बीच इसको लेकर चुहलबाजी चल रही थी। कहना था कि दोनों ने जिले में विकास की योजनाओं को धरातल पर लाने व कानून-व्यवस्था को लेकर अपने-अपने तरीके से काम किया लेकिन, किस बात को लेकर एक राय नहीं हो सके, यह नहीं जानते।
12 जून 2023 को जिले के 26वें डीएम के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अरविंद सिंह ने मुख्यमंत्री आवास योजना से बने 66 आवास कटान पीड़ितों को आवंटित कराए। फुलवरिया बाईपास पर रेलवे ओवरब्रिज को चालू कराया। जिले में मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के लिए न्यायालयों में योजित मुकदमों की पैरवी करके निस्तारण कराया और भूमि का अधिग्रहण कराया। श्रावस्ती में बने एयरपोर्ट के लिए बलरामपुर में भूमि मुहैया कराने में भूमिका निभाई।
एसपी केशव कुमार ने नेपाल सीमा पर चेकपोस्ट बनवाने के साथ ही साइबर क्राइम थाना सृजित कराया। साथ ही बच्चा चोरी के मामले में प्रभावी कार्रवाई करने के साथ ही कई अन्य मामलों में की गई पहल से शाबासी बटोरी।