बलरामपुर के तुलसीपुर देवीपाटन मंदिर से चीनी मिल जाने वाली सड़क। संवाद
बलरामपुर। लोक निर्माण विभाग में टेंडर विवाद में उलझा छह सड़कों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
वर्षों से विभाग में सिर्फ चुनिंदा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चहेते ठेकेदार ही निविदा में भाग लेते थे। प्रतिस्पर्धा न होने से वह मनमानी दरों पर सड़कें बनवाते थे। इसकी शिकायत केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने मुख्यमंत्री से की थी। शिकायत पर कार्रवाई हुई और मंडल की दस सड़कों की निविदाएं निरस्त कर दी गईं। इनमें छह बलरामपुर की भी थीं।
इसके बाद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अखिलेश दिवाकर ने पुनः निविदा कराई। इस बार जब निविदाएं खोली गईं तो 25 से 30 प्रतिशत तक कम कीमत वाली बोलियां आईं। इन्हें प्राथमिकता दी गई, जिससे विभाग को करोड़ों की बचत हुई। उतरौला-तुलसीपुर मार्ग के निर्माण के लिए 18.53 करोड़, पीलीभीत-बस्ती मार्ग का निर्माण 36.47 करोड़, बलरामपुर-महेशभारी मार्ग 27.51 करोड़, दुधरा-कैथोलिया-सिंगारजोत 16.50 करोड़, देवीपाटन मंदिर-चीनी मिल मार्ग 22.56 करोड़ तथा कोड़री-मथुरा-चौधरीडीह मार्ग का निर्माण 26.67 करोड़ से होना तय हुआ है। लंबे समय से निर्माण का इंतजार जिले के लोगों को था। अब प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई गांवों के लोगों को सुगम राह मिलने की उम्मीद जगी है। मुख्य अभियंता ने बताया कि जल्द ही निर्माण शुरू होगा।