बलरामपुर। शासनादेश के बावजूद विद्यालयों में पुस्तकें न भेजकर स्कूलों से उठवाई जा रही हैं। शिक्षण कार्य छोड़कर शिक्षक पुस्तकें लेने बीआरसी जा रहे हैं। एआरपी निरीक्षण के नाम पर शिक्षकों का शोषण करते हैं। आगामी पर्वों को देखते हुए शिक्षकों का सितंबर माह का वेतन व रसोइयों का मानदेय तत्काल निर्गत किया जाए। ये बातें मंगलवार को बीएसए कल्पना देवी से मुलाकात करते हुए विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष दिलीप चौहान ने कहीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक कड़ी मेहनत से बच्चों को पढ़ाते हैं। विपरीत मौसम में यदि उन्हें विद्यालय पहुंचने में आधा घंटा देरी हो जाए तो एआरपी निरीक्षण कर अभद्र व्यवहार करते हैं। एसोसिएशन जिलाध्यक्ष धर्मेेंद्र कुमार शुक्ल व महामंत्री तुलाराम गिरि कहा कि नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचाने का टेंडर शासन स्तर से है। इसके लिए पूर्व में ही संगठन की मांग पर कुछ स्कूलों में पुस्तकें पहुंचाई गई हैं लेकिन अभी भी कई विद्यालयों के शिक्षकों पर बीआरसी/नोडल केंद्रों से किताबों का उठान करने को मजबूर किया जा रहा है। इस मौके पर पंकज श्रीवास्तव, उत्तम चंद गुप्ता, जटाशंकर यादव, विनोद चौहान आदि मौजूद रहे।