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Balrampur News: 19 साल से बिना मान्यता के चल रहा डायट

Thu, 19 Oct 2023 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। जिले में संचालित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बीते 19 साल से बिना मान्यता के चल रहा है। विभागीय स्तर पर की गई मान्यता का आवेदन अभी तक शासन मेें लंबित पड़ा है। इसके चलते डीएलएड का शिक्षण कार्य भी बाधित हो रहा है। महज ढाई लाख रुपये की बजट राशि न मिल पाने से अग्निशमन विभाग की एनओसी न मिल पाने के कारण ही मान्यता की फाइल अटकी पड़ी है।
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डायट के निर्माण की स्वीकृति साल 2004 में मिली थी। एक साल में ही वर्ष 2005 में इसका निर्माण भी पूरा हो गया। इसके बाद से मान्यता पाने के लिए आवेदन हुआ, तब से लिखापढ़ी चल रही है, लेकिन अभी तक मान्यता न मिलने के कारण डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) का प्रशिक्षण यहां शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में जिले के छात्रों को डीएलएड प्रशिक्षण के लिए 70 किलोमीटर दूर गोंडा के दर्जीकुआं डायट में जाने की परेशानी उठाना पड़ रही है।
डायट का निर्माण पूरा होने के बाद यहां के युवाओं को आस जगी थी कि परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक बनने के लिए अब जिले में ही प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका मिलेगा, लेकिन विभागीय अफसरों की लापरवाही से उनकी उम्मीद को झटका लगा है। डायट की ओर से मान्यता के संबंध में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन को कई बार पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन मान्यता में आ रही बाधा को अभी तक दूर नहीं कराया जा सका है।
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बिना मान्यता के ही डायट में प्राचार्य के पर वरिष्ठ शिक्षाधिकारी हिफर्जुरहमान की तैनाती है। इसके अलावा 12 प्रवक्ताओं को भी तैनात कर दिया है। जो परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की होने वाली ट्रेनिंगों के साथ ही स्कूल निरीक्षण तक सीमित हैं। उनके पास डायट के वास्तविक कार्य नहीं है। मान्यता के बगैर ही यहां पर एक आशुलिपिक, दो कनिष्ठ सहायक, चार चतुर्थ श्रेणी कार्मिक भी कार्यरत हैं।

साल 1997 में गोंडा से अलग होकर बलरामपुर जिला अस्तित्व में आया। इसके बाद यहां के लिए उस समय बीटीसी के लिए सौ सीटें तय हुईं और गोंडा डायट से संचालन शुरू हो गया। बाद में बीटीसी को डीएलएड कर दिया गया है। अभी भी पढ़ाई गोंडा डायट से ही हो रही है। मान्यता मिलने के बाद यहां सौ छात्रों को प्रवेश मिलने लगेगा। साथ ही पढ़ाई शुरू हो सकेगी।

वरिष्ठ प्रवक्ता डायट पवन कुमार वर्मा ने बताया कि डायट की मान्यता में अग्निशमन यंत्र का मामला लंबित है। इस कमी को दूर कराने के लिए अग्निशमन विभाग से कहते हुए एनओसी प्रमाण पत्र भी मांगा गया है। इसके मिलने पत्रावली पुन: मान्यता के लिए शासन को भेजी जाएगी।
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