उतरौला। बाबा दुखहरण नाथ मंदिर परिसर में चल रहे शिव महापुराण कथा ज्ञान महायज्ञ के सातवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान वो डमरू वाले आजा, तेरी याद सताएं जैसे भजनों की मधुर प्रस्तुति से पूरा परिसर शिवमय हो गया।
अयोध्या से आए प्रवाचक पंडित जगदंबा प्रसाद मिश्र ने त्रिपुरासुर वध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब अधर्म और अत्याचार अपनी सीमा लांघ जाते हैं, तब धर्म की रक्षा के लिए भगवान शिव स्वयं अवतरित होकर दुष्टों का संहार करते हैं। उन्होंने जालंधर की उत्पत्ति, उसके पराक्रम, विवाह तथा पत्नी वृंदा के पतिव्रत धर्म का मार्मिक वर्णन किया। साथ ही महिलाओं को पारिवारिक मर्यादा और पुरुषों को कर्तव्यनिष्ठा व सदाचार का संदेश दिया। इस दौरान सोनू गुप्ता व पुजारी कौशल ने कथाव्यास का माल्यार्पण व पगड़ी पहनाकर सम्मान किया। समिति सदस्य सौरभ गुप्ता, यजमान महंत मयंक गिरि, त्रिपुरारी कुमार शानू गिरि, अरुण गोस्वामी, राजेश कुमार, अर्पित गुप्ता सहित सुरेश चंद्र यादव, संजीव कसौधन, सर्वेश यादव, शिवम कौशल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।