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Balrampur News: अक्षय नवमी पर सप्तकोसी परिक्रमा में उमड़ी श्रद्धा

Wed, 22 Nov 2023 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर में मंगलवार को निकली अक्षय नवमी परिक्रमा जुलूस में शामिल श्रद्धालु।
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बलरामपुर। नगर में अक्षय नवमी पर मंगलवार को सप्तकोसी परिक्रमा का आयोजन हुआ। इसमें आस-पास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु जुटे। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने नगर के सभी प्रमुख मंदिरों का भ्रमण करते हुए पूजा-अर्चना की। गो दान व नगर परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने खुशहाली व सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
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बताते चलें कि बलरामपुर राज परिवार की तरफ 110 वर्ष पूर्व नगर परिक्रमा की शुरूआत की गई थी। राज परिवार की तरफ से ही जिले में पांच हजार से अधिक शिवालयों का निर्माण कराया गया था। शिवालयों की संख्या अधिक होने तथा नगर परिक्रमा के चलते बलरामपुर नगर को छोटी काशी के रूप में जाना जाता है।
अक्षय नवमी के दिन निकलने वाले सप्तकोसी परिक्रमा जुलूस को सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, गेल्हापुर महंत बृजानंदजी महराज व भाजपा अवध क्षेत्र के सह संयोजक विनय मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर झारखंडी मंदिर से रवाना किया।
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परिक्रमा समिति के सदस्य रघुनाथ अग्रवाल, तुलसीश दुबे, डीपी सिंह व रवीन्द्र गुप्ता कमलापुरी आदि के नेतृत्व में परिक्रमा जुलूस वीर विनय चौराहा व कालीथान होते हुए बिजलीपुर मंदिर पहुंचा। यहां पर मां बिजलेश्वरी की पूजा-अर्चना के बाद परिक्रमा जुलूस रानी तालाब मंदिर, तुलसीदास पोखरा व नहर बालागंज होते हुए झारखंडेश्वर महादेव मंदिर धर्मपुर पहुंचा।
भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद परिक्रमा जुलूस गोशाला भगवतीगंज व संतोसी माता मंदिर होते हुए बलरामपुर राज महल नीलबाग पैलेस पहुंचा। यहां पर स्थित राधाकृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। राज परिवार की तरफ से परिक्रमा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। वहां से निकलकर परिक्रमा जुलूस पुन: झारखंडी मंदिर पहुंचा। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सप्तकोसी नगर परिक्रमा का समापन हुआ।

नगरवासियों के लिए खुला राज परिवार का मंदिर
बलरामपुर रियासत के राजमहल नीलबाग पैलेस में स्थित राधाकृष्ण मंदिर आम जनता के लिए साल में केवल एक बार अक्षय नवमी के दिन खुलता है। दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला से परिपूर्ण इस मंदिर में राज परिवार के पुरोहित प्रतिदिन पूजा करते हैं, लेकिन आमजन को सिर्फ अक्षय नवमी के दिन ही राधाकृष्ण के दर्शन मिल पाते हैं। यहां दर्शन के बिना नगर परिक्रमा अधूरी मानी जाती है। इसी मान्यता के अनुरूप मंगलवार को परिक्रमा जुलूस राधाकृष्ण मंदिर पहुंचा तो पुरोहित ने श्रद्धालुओं को दर्शन कराए।
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