पार्किंग का प्रबंध
मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए तीन अलग-अलग मार्गों से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। निकास के लिए दो मार्ग निर्धारित किए गए हैं। मेले में आने वाले वाहनों के लिए दो प्रमुख पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। एक स्थल मेला गेट के पास और दूसरा मंदिर के पीछे बनाया गया है। भीड़ अधिक होने की स्थिति में बड़े वाहनों को सीरिया नाले और मंडी समिति के पास रोका जाएगा।
रेलवे के साथ रोडवेज ने भी की तैयारी
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे गोंडा से बढ़नी रूट पर एक अतिरिक्त ट्रेन (अप-डाउन) चलाएगा। स्टेशन मास्टर डीके राव ने बताया कि अभी समय तय नहीं किया गया है। शेड्यूल की जानकारी मिलने पर घोषणा कर दी जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न रूटों पर बलरामपुर रोडवेज डिपो 40 बसों का संचालन 19 मार्च से कर रहा है। हर 10 मिनट पर एक बस मिलेगी। इसके लिए दो अस्थायी बस अड्डों का निर्माण किया गया है। रेलवे क्रॉसिंग के पास तथा कलश चौराहे के पास बसों को खड़ा करने की व्यवस्था की गई है।
हेल्प डेस्क से मिलेगी सहूलियत
मंदिर के मुख्य गेट पर देवीपाटन पुलिस चौकी पर हेल्प डेस्क बनाया गया है। इसके साथ ही मंदिर में खोया-पाया केंद्र और एक हेल्प डेस्क मंदिर प्रशासन ने भी तैयार किया है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के तहत दो अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी रखेंगे।
डीएम ने परखी मेले की व्यवस्था
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मंगलवार को मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने देवीपाटन मंदिर परिसर एवं आसपास की व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं समेत सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस, नगर निकाय, स्वास्थ्य, विद्युत, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, जल निगम और अग्निशमन विभाग को मेला शुरू होने से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ज्योति राय, एसडीएम तुलसीपुर राकेश जयंत भी मौजूद रहे।
फोटो-31-बलरामपुर के में सजाया गया शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर का गेट ।-संवाद