फोटो-46-बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु ।-संवाद
तुलसीपुर/बलरामपुर। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन बुधवार को मां कुष्मांडा की आराधना के लिए देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर मां पाटेश्वरी के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नवरात्र के शुरुआती चार दिनों में तीन लाख से अधिक श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। मां के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा और दिनभर दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।
देवीपाटन मंदिर में मां भगवती के दर्शन के साथ बाबा भैरवनाथ की पूजा का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि भैरव के दर्शन के बिना देवी का पूजन अधूरा रहता है। मुख्य गर्भगृह के सामने स्थित काल भैरव मंदिर के साथ ही आकाश भैरव और बटुक भैरव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने माथा टेका। आकाश भैरव मंदिर में प्रज्ज्वलित अखंड धूनी की भभूति को श्रद्धालुओं ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया और अपने साथ घर ले गए।
जिले के अन्य देवी मंदिरों में भी नवरात्र की धूम रही। नगर के झारखंडी मंदिर, कालीथान, समय माता मंदिर और बड़की बहिनी मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। उतरौला के ज्वाला माता मंदिर, पेहर बाजार के दुर्गा माता मंदिर और महुआ के करिया दुर्गा मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाया। मंदिरों में सुबह से ही घंटा-घड़ियाल की गूंज और देवी गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच मेले में रौनक
देवीपाटन मंदिर परिसर में लगे मेले में खिलौनों, चुनरी, शृंगार सामग्री, पूजन सामग्री और पारंपरिक व्यंजनों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने पूजा सामग्री और अन्य सामान की खरीदारी की। मंदिर के पुजारी पवन बाबा ने कहा कि मां के दरबार में आने वाले भक्तों की आस्था ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। व्यवस्था प्रभारी अरुण गुप्ता के अनुसार, श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के लिए पुलिस और मंदिर प्रशासन मुस्तैद है। बैरिकेडिंग और पेयजल सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।