बलरामपुर के जिला मेमोरियल चिकित्सालय के पश्चिमी गेट पर सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर में विचरण कर?
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बलरामपुर। डेंगू व अन्य बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। लोगों को मच्छरों से बचाव की सीख दी जा रही है, लेकिन फागिंग व अन्य इंतजाम महज कागजी है। सिर्फ रस्म अदायगी के तौर पर अभियान चलाकर इतिश्री कर ली जा रही है। मच्छरों के प्रकोप से लोग परेशान हैं।
नगर पालिका परिषद में कुल 25 वार्ड है। इन वार्डों में करीब 90 हजार लोग रह रहे हैं। बलरामपुर शहर की बात करें तो यहां पर डेंगू के दो मरीज मिल चुके हैं। बुखार से बीमार होकर लोग हर दिन अस्पताल पहुंच रहे हैं। मच्छरों से बचाव के लिए फागिंग को लेकर महज कागजी बयानबाजी चल रही है। संसाधनों की बात करें तो नगर पालिका के पास फागिंग के लिए दो छोटी मशीन है, इसमें से तुलसीपुर भेजी गई है।
एक बड़ी फागिंग मशीन व एक टैंकर स्प्रे है। 15 सोल्डर स्प्रे मशीनों से 25 वार्डों में एंटी लार्वा के छिड़काव का दावा किया जा रहा है। नगर पालिका ने नालियों पर छिड़काव के लिए 100 लीटर एंटी लार्वा व 100 लीटर मैलाथियान की मांग सीएमओ से की है। उधर, जिला अस्पताल के पश्चिमी गेट पर कूड़ा डंप होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खलवा के रवि तिवारी का कहना है कि डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन छिड़काव को लेकर उदासीनता बरती जा रही है। सिविल लाइंस के नवीन सिंह का कहना है कि नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। सत्येंद्र कुमार का कहना है कि फागिंग नहीं हो रही है। नई बस्ती के सोनू साहू का कहना है कि उनका घर तालाब के किनारे हैं, लेकिन दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया है।
नगर पालिका परिषद के ईओ डॉ. देवेंद्र का कहना है कि वार्डवार शेड्यूल बनाकर फागिंग कराई जा रही है। इसके लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जा रही है। नालियों की साफ सफाई कराने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।