बलरामपुर। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर व एनआरसी समाप्त करने को लेकर मांग की गई है। बीबी बांदी साहिबा बड़ी ईदगाह परिसर में बुधवार को बैठक कर चर्चा की गई। बैठक के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को सौंपा गया।
बैठक में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि शाबान अली, डॉ. अब्दुल मन्नान, हाजी नब्बन खां, पूर्व विधायक अशफाक अहमद खां, शेरे रजा अंसारी, साहिबे आलम, रजा वारिस, मोहम्मद हसन, राजू शाह, ललित पासवान, शादाब खान, मकसूद खां, अहमद राईनी, असहर रजा, मोहम्मद रईम राईनी, लालजी लहेरी, शफीक अहमद, मौलाना उमर, राज कुमार यादव, मोहम्मद अनवर व मोहम्मद सलीम आदि ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से नागरिकता संशोधन कानून लागू कर जनमनानस की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का असंवैधानिक कृत्य किया गया है।
एनपीआर, सीएए व एनआरसी जैसे काले कानून को देश पर थोप कर जन विरोधी कृत्य पर आमादा है। भारत सरकार पूरी तरह से तानाशाही पर उतारू है। प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के काले कानून देशवासियों को स्वीकार नहीं है। सरकार महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी पर सवाल न करके विफलता को छिपाने के लिए ऐसा कृत्य किया जा रहा है। देश की अखंडता, एकता, भाईचारा, अमन व शांति को तोड़कर भय का माहौल बनाया जा रहा है। इन लोगों ने राष्ट्रपति से इस काले कानून को वापस लेने की मांग की है। इस अवसर पर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।