बलरामपुर। जामिया अरबिया अनवारूल कुरआन अरबी डिग्री कॉलेज का दीक्षांत समारोह मंगलवार रात अंधियारी बाग के मैदान में आयोजित किया गया। इसमें मदरसे के 55 छात्रों को फाजिल, आलिम, हाफिज व कारी की डिग्री देकर दस्तार बांधी गई। इस दौरान बाहर से आए उलेमाओं ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बेटे व बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाए जाने पर जोर दिया।
दीक्षांत समारोह का शुभारंभ कारी इकरार ने कुरान-ए-पाक की तिलावत से किया। मुख्य वक्ता महाराष्ट्र से आए मौलाना सिराज हसन चिश्ती ने कहा कि शिक्षा ही मुल्क व कौम की तरक्की का जरिया है। मदरसों में इस्लामी शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा भी दी जा रही है। सभी लोग अपने बेटों के साथ ही बेटियों को भी बिना भेदभाव के उच्च शिक्षा दिलाएं। यही बच्चे आगे चलकर कौम के साथ मुल्क का भी नाम रोशन करेंगे।
अल जामियातुल अशर्फिया मुबारकपुर अरबी यूनिवर्सिटी के शिक्षक मौलाना नईमुद्दीन व बस्ती से आए मौलाना मोहम्मद अली ने कहा कि कुछ लोग मदरसा शिक्षा प्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाकर इस्लामी शिक्षा को खंडित करने की साजिश कर रहे हैं। अरबी कॉलेज के अध्यक्ष हाजी अब्दुल हादी व प्रबंधक डॉ. इकबाल खान ने बताया कि जामिया अरबिया अनवारूल कुरआन अरबी डिग्री कॉलेज के 57वें दीक्षांत समारोह में फाजिल के चार, आलिम के 11, हाफिज के 28 व कारी के 12 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई है।
मुख्य अतिथि एवं अरबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मौलाना हफीज ने डिग्री पाने वाले सभी छात्रों को दस्तार बांधकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने यूनिवर्सिटी के शिक्षक मौलाना नईमुद्दीन व लखनऊ से आए कारी जाकिर अली को हुजूर हाफिज-ए-मिल्लत के अवार्ड से नवाजा। उन्होंने मुल्क में अमन-चैन व कौम की तरक्की के लिए दुआ भी मांगी। हाफिज रज्जब अली व हाफिज किस्मत अली ने नातिया कलाम पढ़ा।
अरबी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य मौलाना मसीह अहमद कादरी ने अतिथियों को अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर सैय्यद अहमद रजा, सैय्यद अहमद उल्ला, कारी फरियाद, मौलाना मोहम्मद उमर, मुफ्ती हबीबउल्लाह, मुफ्ती सलाम, शाहिद खां व मौलाना फैय्याज अहमद मिस्बाही आदि मौजूद रहे।