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राप्ती में डूबने से दो सगी बहनों समेत तीन बच्चियों की मौत

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फोटो-14-बलरामपुर के हरबंसपुर कुड़ी गांव में बच्चियों की मौत के बाद शोकाकुल परिजन व ग्रामीण।-संवाद - फोटो : BALRAMPUR
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गौरा चौराहा(बलरामपुर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के हरबंसपुर कुड़ी गांव की तीन बच्चियां राप्ती नदी में नहाते समय डूबने से मौत हो गई। इन बच्चियों में दो सगी बहनें शामिल हैं। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर बच्चियों का शव बरामद किया है। शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
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हरबंसपुर निवासी बंसीलाल के बेटी की बुधवार की शाम को बरात आने वाली थी। शादी में घर पर मेहमान भी आए हुए हैं। सुबह करीब 11 बजे बंसीलाल की दो बेटियां करिश्मा (8), निशा (7) तथा भांजी काजल (9) गांव से करीब 200 मीटर दूरी पर खेल रही थी। गर्मी अधिक होने के कारण खेलते-खेलते यह तीनों पास में बह रही राप्ती नदी में नहाने चली गई। नहाते समय तीनों गहरे पानी में डूब गई। इनको डूबते हुए गांव के एक लड़के ने देखा लेकिन उसने घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। दोपहर करीब एक बजे जब परिजन बच्चियों की तलाश करने लगे तो उसने उनके नदी में डूबने की जानकारी दी।
जानकारी मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। सभी नदी की ओर दौड़ पड़े। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक प्रेम प्रकाश पांडेय ने ग्रामीणों व स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चियों की तलाश शुरू कर दी। कड़ी मशक्कत के बाद शाम करीब पांच बजे बच्चियों का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर बाघाजोत गांव के पास नदी से बरामद किया गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सभी शवों का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
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मंगल गीत के बीच शुरू हो गया करुण-क्रंदन
हादसे ने बंसीलाल के घर में कोहराम मचा दिया है। बारातियों के स्वागत के लिए गाया जा रहा मंगलगीत करुण-क्रंदन में बदल गया है। परिवार के सभी लोग बदहवास हैं और रो-रोकर उनका बुरा हाल है। बंसीलाल के मुंह से बोल ही नहीं फूट रहे हैं। चूल्हों की आग ठंडी पड़ गई है। बारातियों की तैयारी में जुटे लोग निराश और मायूस हो गए हैं। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
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