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Balrampur News: सीमावर्ती गांवों की बेटियां कंप्यूटर सीखकर बनेंगी आत्मनिर्भर

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बलरामपुर के मोहकमपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग ।-स्रोत: एसएसबी
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जरवा। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की नौवीं वाहिनी ने सीमावर्ती गांव की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है। सोमवार को नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांव मोहकमपुर में युवतियों के लिए 20 दिवसीय बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक पल्टूराम ने किया।
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उपकमांडेंट नैंसी सिंगला ने बताया कि इस प्रशिक्षण में ग्राम जरवा की 30 युवतियों को कंप्यूटर की मूलभूत शिक्षा दी जाएगी। उद्देश्य है कि सीमावर्ती इलाकों की बेटियां डिजिटल साक्षर बनकर रोजगार के नए अवसर तलाश सकें और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ें। एसएसबी की यह पहल नारी सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान मोहकमपुर मो. शकील खान, मुख्य आरक्षी कस्टम जरवा शशांक सिंह, एएसपी तुलसीपुर बृजनंदन राय, जरवा के निरीक्षक राकेश पाल, एटीएस के विमल कुमार राणा, निरीक्षक राहुल रंजन, अनंता मेक, उप निरीक्षक रक्षा सोनी सहित बड़ी संख्या में जवान और ग्रामीण मौजूद रहे।
नशे के दुष्परिणामों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यशाला भी आयोजित की गई। इसमें युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। समाज को नशा मुक्त बनाने का आह्वान किया गया। विधायक पल्टूराम ने कहा कि एसएसबी का यह कदम सराहनीय है। डिजिटल शिक्षा आज की जरूरत है और इस तरह के प्रयास महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ ग्रामीण समाज के विकास में भी सहायक होंगे। कमांडेंट मनोरंजन कुमार पांडेय के निर्देशन में एसएसबी समय-समय पर सीमावर्ती गांवों में जन कल्याणकारी योजनाएं, मानव व पशु चिकित्सा शिविर, जागरूकता अभियान और आर्थिक सहयोग के जरिए लोगों को लाभान्वित करती रही है।
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