बलरामपुर। सावन मास के पहले सोमवार को शिव मंदिरों और शिवालयों में भक्तों की आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है। भगवान शिव के जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों का रुख करेंगे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
झारखंडी मंदिर के मुख्य पुजारी सोनू गिरि ने बताया कि सावन मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। उनका मानना है कि इस माह में की गई पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार पड़ रहा है। जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को सुव्यवस्थित ढंग से नियंत्रित करने के लिए मंदिरों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी। जिले के प्रमुख मंदिरों जैसे उतरौला स्थित दुखहरण नाथ मंदिर, राजापुर भरिया का जंगलीनाथ मंदिर, पचपेड़वा का शिवगढ़ धाम तथा जनकपुर का मुक्तेश्वर नाथ महादेव मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
सावन के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
सावन मास के तीसरे दिन, रविवार को भी शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्त भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध हो गए। नगर के झारखंडी मंदिर और धर्मपुर स्थित झारखंडेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर पुण्य अर्जित किया।