बलरामपुर। तेज आंधी व बारिश ने फसलों को तबाह कर दिया है। खेतों में खड़ी व खलिहान में रखी फसल को नुकसान हुआ है। गन्ने व आम की फसल को भी हवा के तेज झोंके से नुकसान हुआ है। लगातार बेमौसम बारिश से फसल सहेजने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी नुकसान से अन्नदाताओं को भुखमरी की चिंता सताने लगी है।
किसान विजय करन, जंगली, ईश्वरसरन व जगदंबा प्रसाद ने बताया कि भारी बारिश व हवा के तेज झोंके से उनके लिए गुरुवार का दिन एक बार फिर तबाही का मंजर लाया। भोर में ही आंधी के झोंके से अचानक मौसम में बदलाव आ गया। आंधी के साथ बारिश व जलभराव के चलते खेतों में खड़ी और खलिहान में रखी फसल के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
आंधी का असर आम की फसल पर भी हुआ है। आम की बागवानी करने वाले किसानों ने भी भारी नुकसान होने की बात बताई है। सदर ब्लॉक सहित तुलसीपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा, हरैया सतघरवा, ललिया, मथुरा बाजार, गौरा चौराहा, श्रीदत्तगंज, उतरौला, पेहर बाजार, रेहरा बाजार, सादुल्लाहनगर व गेड़ास बुजुर्ग आदि क्षेत्रों के संवाददाताओं ने किसानों से बातचीत कर आंधी व बारिश से फसल के नुकसान होने की बात बताई है।
जिले भर में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हुई है। तेज हवा चलने से कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने की भी सूचना आई है जिससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी बाधित हो गई है। हालांकि पेड़ गिरने से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फसलों का नुकसान होने से अन्नदाताओं को अब भुखमरी की चिंता सताने लगी है। अन्नदाताओं ने शासन-प्रशासन से फसलों के नुकसान का आकलन कराकर सरकारी मदद मुहैया कराने की मांग की है।
एके शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व/मुख्य कार्यपालक अधिकारी आपदा प्रबंधन ने बताया कि अचानक भारी बारिश व हवा के तेज झोंको से फसल को हुई नुकसान का आकलन करने के लिए जिले के सभी लेखपालों को निर्देश दिया गया है। लेखपालों की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन कार्यालय के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।