आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति को सात साल की कैद
बलरामपुर। एफटीसी प्रथम ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में पति को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
थाना कोतवाली देहात निवासी धनीराम ने थाने पर 10 नवंबर 2009 को थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि उसकी लड़की गायत्री को पति राजेश कश्यप व सास-ससुर ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने पति राजेश को दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता वसीउल हसन ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन के बाद एफटीसी प्रथम विजय कुमार आजाद ने राजेश को आत्महत्या के लिए उकसाने व दहेज के लिए प्रताड़ित करने का दोषी माना।
न्यायाधीश ने राजेश को सात वर्ष के सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को 10 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।