बलरामपुर में जांच पड़ताल करती हुई पुलिस।
लखनऊ/बलरामपुर। 19 दिनों से लापता लखनऊ के जियामऊ निवासी व्यापारी अक्षय मिश्रा (30) की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने शव के दो टुकड़े किए। धड़ बलरामपुर के यूसुफपुरवा गांव में फेंका जबकि सिर बस्ती के कला गांव में गन्ने के खेत में जमीन में गाड़ दिया। बलरामपुर पुलिस ने गुरुवार को वारदात का खुलासा करते मृतक के दो व्यापारिक साझेदारों को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को शक था कि अक्षय व्यापार की रकम में हेरफेर करता है। इसलिए वारदात को अंजाम दिया।
लखनऊ के गौतमपल्ली थाने के जियामऊ इलाके के रहने वाले अक्षय लकड़ी का कारोबारी करते थे। वह 11 मार्च को लापता हो गए थे। परिजनों ने 20 मार्च को गौतमपल्ली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उधर 13 मार्च को बलरामपुर पुलिस को यूसुफपुरवा गांव में एक धड़ पड़ा मिला था। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। बलरामपुर एसपी केशव कुमार ने बताया कि लखनऊ व गोरखपुर जोन में हाल में लापता हुए लोगों का विवरण जुटाया गया। जिसके आधार पर अक्षय के परिजनों को 29 मार्च को पहचान के लिए बुलाया गया। कपड़े, रुद्राक्ष की माला व गले के लॉकेट से परिजनों ने अक्षय के परिजनों ने शिनाख्त की। तब पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली।
जिसमें लखनऊ के गाजीपुर इलाके के निवासी गगनदीप व बस्ती के रूधौली थाने के पचारी कला निवासी राजेश पाल का नंबर मिला। पुलिस ने गगन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने वारदात कबूली। उसकी निशानदेही पर बलरामपुर पुलिस ने बस्ती से सिर भी बरामद कर लिया। दोनों आरोपियों को जेल भेजा। गगनदीप व राजेश दोनों अक्षय के साथ मिलकर कारोबार करते थे।
इस तरह मारकर ठिकाने लगाया था शव
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि व्यापार में लेनदेन का पूरा मामला अक्षय देखता था। हर बार वह घाटा होने का दावा करता था। इसलिए आशंका थी कि वह पैसे पार कर देता है। इसलिए उसको रास्ते से हटाने की साजिश रची। 11 मार्च को तीनों कार से घूम रहे थे। तब इस बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान दोनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया था। उसके बाद बलराम गए थे। वहां पर सिर काटकर झोले में रखा और धड़ वहीं फेंक दिया। बाद में सिर बस्ती में जाकर खेत में गाड़ दिया था। पुलिस ने धारदार हथियार भी बरामद कर लिया है।