बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एंड रेप अभिनतम उपाध्याय ने नाबालिग से दुराचार के दोषी एक व्यक्ति को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी को 20 हजार अर्थदंड अदा करने का आदेश दिया है।
बुधवार को जानकारी देते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी वर्षकार सिंह कलहंस ने बताया कि 15 मई 2014 को थाना गौरा चौराहा में एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग लड़की से दुराचार करने का मुकदमा पंजीकृत कराया था। पुलिस ने राम सूरत यादव के खिलाफ नाबालिग से बलात्कार करने का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। विवेचक ने जांच के बाद राम सूरत के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने 6 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने राम सूरत को नाबालिग से दुराचार का दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास व 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायाधीश ने अर्थदंड की 20 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।