बलरामपुर। एक सप्ताह से आउट सोर्सिंग कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले आजीविका मिशन के तहत कार्य करने वाले कर्मी विकास खंड परिसर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जुटे हैं। चार सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे मान नहीं ली जाएगी तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कार्य करने वाले कर्मी अनिमेष श्रीवास्तव, अनिल द्विवेदी, विष्णु प्रताप, शकील, विनोद कुमार मौर्य, लक्ष्मी, धवन चौधरी व गौरव शुक्ला आदि का कहना है कि 15 सितंबर को शासन-प्रशासन द्वारा हम लोगों पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है। समूूचे प्रदेश में शांतिपूर्वक आंदोलन को कुचलने के लिए हमारे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार दूबे को बर्खास्त कर दिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष की बर्खास्तगी तत्काल बहाल किया जाए। 12वीं व 18वीं शासकीय निकाय की बैठक में एनआरएलएम एचआर पॉलिसी में दी गई सुविधाएं प्रदान की जाएं। एचआर पॉलिसी के तहत 7 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, प्रोफेशनल्स को शिक्षा भत्ता, लैपटॉप भत्ता, मोबाइल भत्ता एवं सेल्प लर्निंग भत्ता दिया जाए।
एनआरएलएम कर्मचारियों का आउट सोर्सिंग समाप्त कर उनको नियमितीकरण (विभागीय संविदा) किया जाए। आउट सोर्सिंग कंपनियों को सुविधा शुल्क के नाम पर दिए जा रहे प्रति वर्ष करोड़ों रुपये की बचत कर राजकोषीय घाटा की प्रतिपूर्ति की जा सके। कर्मचारियों को उनके मूल निवास के नजदीक तैनाती किए जाने के लिए ट्रांसफर पॉलिसी तैयार किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक हमारी इन मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा हम लोगों का आंदोलन जारी रहेगा।