बलरामपुर। कोविड हास्पिटल में कोरोना मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था का दावा सरकार भले ही कर रही हो लेकिन हकीकत पूरी तरह हवाहवाई है। जिला मेमोरियल चिकित्सालय स्थित लेवल-1 हास्पिटल में अव्यवस्था के चलते मरीजों को काफी असुविधा झेलनी पड़ रही है। लाखों रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद मरीजों को न तो पौष्टिक भोजन मिल पा रहा है और न आवश्यक वस्तुएं ही उपलब्ध हैं। मरीजों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं घर से मंगानी पड़ रही हैं। अस्पताल में चारों तरफ गंदगी के चलते भी मरीजों को काफी परेशानी होती है।
बिना लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए जिला मेमोरियल चिकित्सालय में लेवल-1 हास्पिटल बनाया गया है। यहां करीब 60 मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था की गई है। इससे अधिक मरीज होने के कारण जवाहर नवोदय विद्यालय में लेवल-1 कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया है। दोनों ही स्थानों पर बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज भर्ती किए गए हैं।
सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह के अनुसार यहां भर्ती मरीजों को भोजन, नाश्ता व दवा के अलावा दैनिक उपयोग की वस्तुओं में बाल्टी, मग, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साबुन व वाशिंग पाउडर के साथ काढ़ा व च्यवनप्राश दिया जाना है। भोजन, नाश्ता, काढ़ा व दवा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग तथा दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रशासन पर है। मरीजों को ये वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा भारी भरकम बजट भी खर्च किया जा रहा है, इसके बावजूद अस्पताल में मरीजों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
नाम न छापने की शर्त पर मरीजों ने बताया कि भोजन के नाम पर पतली दाल, मानकविहीन सब्जी व चावल परोसा जाता है। ज्यादातर मरीज अपने घर से ही खाना मंगाकर खाते हैं। अस्पताल में मरीजों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी अलग-अलग नहीं दी जा रही हैं। एक ही बाल्टी व मग से कई मरीज स्नान करते हैं। काढ़ा व च्यवनप्राश भी कुछ ही मरीजों को दिया जाता है। चाय पानी की तरह ठंडी होती है। पानी का टैंक हमेशा रिसता रहता है। अस्पताल परिसर में चारों तरफ गंदगी व्याप्त है।
डीएम कृष्णा करूणेश ने बताया कि लेवल-1 अस्पताल में कुछ खामियों की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को बेहतर व्यवस्था का निर्देश दिया गया है।