बलरामपुर/तुलसीपुर। तुलसीपुर व बलरामपुर रेलवे स्टेशनों का सौंदर्यीकरण हर स्थिति में अगले वर्ष मार्च तक पूरा कराया जाए। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। यह चेतावनी डीआरएम आदित्य कुमार ने दी। वह बृहस्पतिवार को दोनों रेलवे स्टेशनों पर हो रहे कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। बताया कि नई रेलवे लाइन परियोजना के शुरू हो जाने पर बलरामपुर व झारखंडी स्टेशन नए जंक्शन बन सकेंगे।
उन्होंने बलरामपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते हुए संरक्षा व निर्माण के साथ ही यात्री सुरक्षा से जुड़े कार्यों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद वह गैंजहवा हाल्ट स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने तुलसीपुर रेलवे स्टेशन पर 6.33 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निर्देश दिया कि 31 मार्च 2024 तक दोनों स्टेशनों पर संचालित सभी तरह के निर्माण कार्य पूर्ण करा लिए जाएं। दोनों ही स्टेशनों पर 600 मीटर का प्लेटफॉर्म, एक्सीलेटर सीढ़ी अथवा लिफ्ट, शेड, प्रथम क्लास व द्वितीय क्लास के वेटिंग रूम व टाइल्स लगाने आदि का कार्य किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सीनियर डीसीएम आशुतोष कुमार गुप्ता, स्टेशन अधीक्षक डीके राव, वाणिज्य अधीक्षक एसएन द्विवेदी सहित अन्य अफसर भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के लिए बलरामपुर स्टेशन पहुंचे डीआरएम से क्षेत्र के रेल यात्रियों ने मुलाकात कर एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें दिल्ली जाने वाली हमसफर ट्रेन के ठहराव व तुलसीपुर रेलवे स्टेशन का नाम देवीपाटन तुलसीपुर रखे जाने की मांग प्रमुख तौर पर शामिल थी। ज्ञापन देने वालों में शामिल सुखदेव चौरसिया, अक्षत पांडे, डॉक्टर प्रदीप दुबे व पूर्व सभासद इसरार अहमद सहित अन्य लोग शामिल रहे।
कौव्वापुर व गैसड़ी स्टेशन के निरीक्षण के दौरान भी स्थानीय लोगों ने डीआरएम से मिलकर इंटरसिटी व पनवेल ट्रेन का ठहराव कौव्वापुर स्टेशन पर कराए जाने व इंटरसिटी ट्रेन व गोमती एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव गैसड़ी में कराए जाने की मांग की। डीआरएम ने इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव उक्त स्टेशनों पर सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष नसीम अहमद, कोषाध्यक्ष अवतार सिंह, महामंत्री बैजनाथ जायसवाल, हरिश्चंद्र गुप्ता व दीपक जायसवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।