बलरामपुर। नेपाल जा रहे युवकों से 28 हजार रुपये की वसूली करने ने के मामले में दोनों आरोपी सिपाहियों को जांच के बाद जरवा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तुलसीपुर के पुलिस उपाधीक्षक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने दोनों आरोपी सिपाहियों राजू यादव व घ्रुवचंद को गोरखपुर में भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
ललिया थाने के कोडरी निवासी हकीम खान ने जरवा थाने में सिपाही राजू यादव को नामजद करते हुए एक अज्ञात सिपाही पर अवैध वसूली का का केस दर्ज कराया था। इसकी जांच सीओ तुलसीपुर को सौंपी गई। जांच में उजागर हुए दूसरे सिपाही के नाम के बाद जरवा पुलिस ने दोनों सिपाहियों को थाने में ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी सिपाहियों को निलंबित कर मामले की विभागीय जांच की जा रही है।
सिपाहियों पर केस दर्ज कराने वाले हकीम को भी ललिया थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर थाना क्षेत्र के ही एक गांव की किशोरी को भगाने का केस दर्ज हुआ है। किशोरी की मां ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी को हकीम खान बहला फुसलाकर नेपाल भगा ले जा रहा था। पहले लोकलाज के भय से उसने केस दर्ज नहीं कराया था। मां की तहरीर पर पुलिस इस मामले में हकीम को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है।
हकीम खान एक किशोरी के साथ नेपाल जा रहा था, लेकिन प्रवेश न मिलने पर उसे वापस लौटना पड़ा था। लौटते समय सिपाही राजू यादव ने उसे रोक कर पूछताछ शुरू की। साथ में किशोरी को देखकर ही दोनों सिपाहियों ने कार्रवाई की धमकी देकर 28 हजार रुपये की वसूली की थी।
दोनों आरोपी सिपाहियों ने हकीम खान से 24 हजार की राशि शमशाद और कय्यूम के मोबाइल पर फोन- पे से ली थी। जांच के दौरान शमशाद और कय्यूम का मोबाइल भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। यह दोनों थाने के बाहर दुकान लगाते थे। आरोपी सिपाही अवैध वसूली का लेनदेन इन्हीं के माध्यम से करते थे। जब्त मोबाइल फोनों की जांच में कई अहम खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।