बलरामपुर। हरैया सतघरवा ब्लॉक के छांगुरडीह गांव स्थित काली माता मंदिर परिसर में चल रहे श्रीराम कथा एवं मानस यज्ञ का समापन रविवार रात भंडारे के साथ हुआ। अंतिम दिन प्रवाचक साध्वी अनुपमा रामायणी ने यज्ञ-हवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यज्ञ और हवन सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इससे वातावरण शुद्ध होने के साथ मन को भी शांति मिलती है। उन्होंने लोगों से नियमित यज्ञ-हवन करने और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की अपील की। समापन पर विशेष पूजा-अर्चना व हवन किया गया। इसके बाद भंडारा शुरू हुआ, जिसमें देर रात तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।