बलरामपुर के हरैया सतघरवा में बना सामुदायिक कूड़ा केंद्र ।
बलरामपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 के तहत जनपद में कचरा प्रबंधन को खेती और आजीविका से जोड़ने की पहल तेजी से आगे बढ़ रही है। गांवों में बनाए जा रहे कंपोस्ट पिट के माध्यम से जहां एक ओर स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हो रही है, वहीं दूसरी ओर जैविक खाद तैयार कर किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं।
जिले की 793 ग्राम पंचायतों में व्यक्तिगत कंपोस्ट पिट के 3356 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1511 का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि सामुदायिक कंपोस्ट पिट के 3945 लक्ष्य के मुकाबले 3510 पिट तैयार कर लिए गए हैं। इन पिटों में गीला कचरा, पत्तियां और गोबर जैसे जैविक अवशेषों को सड़ाकर उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जा रही है, जो खेती के लिए उपयोगी सिद्ध हो रही है। ऐसे में हजारों लोग सीधे जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया से जुड़ चुके हैं।
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खेती को मिलेगा सीधा लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा एकत्र करने के लिए 487 ई-रिक्शा लगाया गया है। इन वाहनों के माध्यम से ग्राम पंचायतों में घर-घर से अवशेष एकत्र कर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे सड़कों और गलियों में फैले कूड़े में कमी आई है और संकलन की प्रक्रिया नियमित होने लगी है। इससे फसलों की पैदावार बेहतर होती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होने से किसानों की लागत घटती है।
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ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। कंपोस्ट पिट में तैयार खाद से जहां गांवों में गंदगी से निजात मिल रही है वहीं खेतों में जैविक खाद मिलता है। इससे किसानों की आय भी बढ़ रही है।
श्रेया उपाध्याय, डीपीआरओ