बलरामपुर। मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित संयुक्त जिला चिकित्सालय इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के बीच तालमेल की कमी के कारण अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा अस्पताल आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल में कई महीनों से सामान्य सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त हैं। वहीं, महिला सर्जन और चेस्ट फिजिशियन के अवकाश पर होने के कारण उनकी ओपीडी भी बंद है।
अटल बिहारी वाजपेयी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन संयुक्त जिला चिकित्सालय का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में जिला अस्पताल में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सकों की तैनाती नहीं की जा रही है। वहीं, मेडिकल कॉलेज का संचालन पूरी तरह शुरू नहीं होने के कारण चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं भेजे जा रहे हैं। जिला अस्पताल होने के कारण यहां प्रतिदिन 500 से 550 मरीज उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में सामान्य सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ और दंत चिकित्सक की तैनाती नहीं है। वहीं, महिला सर्जन डॉ. मेधावी सिंह मातृत्व अवकाश पर हैं और चेस्ट फिजिशियन डॉ. शिवपूजन अस्वस्थ होने के कारण लंबे समय से अवकाश पर हैं। इसके चलते उनकी ओपीडी में मरीजों को परामर्श नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार को ओपीडी में आए कनकराम, रामअचल और सोमेश ने बताया कि वे हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने आए थे, लेकिन कमरा बंद मिला। गंगापुर की सुमनलता सर्जन से परामर्श लेने पहुंची थीं। वहीं, बैजपुर के सोमनाथ ने बताया कि उनकी पीठ पर फोड़ा हो गया है। वह चिकित्सक को दिखाने के लिए अस्पताल आए थे।
22 अक्तूबर से बंद है अल्ट्रासाउंड जांच
संयुक्त जिला चिकित्सालय में 22 अक्तूबर से अल्ट्रासाउंड जांच ठप है। जांच कक्ष के बाहर 28 अक्तूबर तक अल्ट्रासाउंड नहीं होने की सूचना चस्पा की गई है। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ रहा है या दूसरे केंद्रों का रुख करना पड़ सकता है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एके यादव को एक सप्ताह का अवकाश दिए जाने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। अस्पताल कर्मियों के मुताबिक, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एके यादव अक्सर कोर्ट केस में व्यस्त रहने या अस्वस्थ होने के कारण अवकाश पर रहते हैं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।