गैसड़ी/महराजगंज तराई (बलरामपुर)। फसलों की सिंचाई के लिए क्षेत्र में लगाए गए राजकीय नलकूप बंद पड़े है। जलाशयों में पानी न होने के कारण नहरों में धूल उड़ रही है। क्षेत्र में खड़ी गन्ने की फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है। बारिश न होने से खेती-किसानी चौपट हो रही है।
तुलसीपुर तहसील का अधिकांश इलाका असिंचित है। क्षेत्र में सिंचाई के लिए व्यक्तिगत बोरिंग कराना काफी महंगा पड़ता है। क्षेत्र में सिंचाई के लिए बनाए गए प्राकृतिक जलाशयों से नहरे निकाली गई हैं तथा राजकीय नलकूप भी लगाए गए हैं। गर्मी के मौसम में यह दोनों संसाधन बेकार हो चुके हैं। सिंचाई के लिए पानी न मिलने से क्षेत्र के करीब 45 हजार किसान चिंतित हैं।
महराजगंज तराई के साहेबनगर, बरगदवा, राम स्वरूपपुरवा व शिवचरनडीह आदि गांव में लगे राजकीय नलकूप कई वर्षों से खराब पड़े हैं। इसी तरह गैसड़ी क्षेत्र के चमरबोझिया, सोनहटी, सझवल, सोनपुर, मटेहना, नचौरी व धंधरा सहित 115 ग्राम सभाओं में सिंचाई राम भरोसे है। क्षेत्र में लगे अधिकतर राजकीय नलकूप बंद पड़े हैं। सरयू नहर परियोजना के तहत निकली नहरों में पानी की जगह धूल उड़ रही है। सोनाहटी, सझवल, मध्यनगरी, नचौरी, नथईडीह में पानी की व्यवस्था न होने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है।
किसानों ने जताया आक्रोश
बदहाल सिंचाई व्यवस्था पर किसान मनमोहन शुक्ला, मिट्ठू यादव, कृपाराम, महेश वर्मा व जग्गे वर्मा आदि का कहना है कि सरकार ने सिंचाई तो मुफ्त कर दी लेकिन संसाधनों की बदहाली दूर नहीं की गई है। नलकूप बंद होने और नहरों में पानी न छोड़े जाने के कारण क्षेत्र में गन्ने के साथ ही मेंथा आदि फसलें सिंचाई के अभाव में सूख रही हैं। किसानों ने डीएम से राजकीय नलकूपों का संचालन शुरू कराए जाने की मांग की है।
शीघ्र दूर होगी समस्या
इस संबंध में नलकूप विभाग के अवर अभियंता अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि नलकूप खराब होने की सूचना मिली है। शीघ्र ही नलकूपों को ठीक कराकर उसका संचालन कराया जाएगा।