बलरामपुर। निकाय चुनाव के परिणाम ने बड़े राजनीतिक संकेत दिए हैं। मिशन 2024 की तैयारी में जुटी पार्टियों ने परिणाम को लेकर मंथन शुरु कर दिया है। बीते चुनाव में सपा व बसपा ने एक-एक निकाय अध्यक्ष की कुर्सी पर जीत हासिल की थी। जबकि इस चुनाव में सपा, बसपा व कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला। हां यह जरूर है कि भाजपा ने शानदार वापसी करते हुए तीन निकायों में जीत हासिल की है।
बलरामपुर नगर पालिका परिषद में वर्ष 2017 में अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में बसपा की किताबुन्निशा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा दूसरे नंबर पर थी। वर्ष 2023 के निकाय चुनाव परिणाम में भाजपा के धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने इस सीट पर जीत हासिल की है, जबकि बसपा के शाबान अली दूसरे स्थान पर रहे। समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी इशरत जमाल 2017 व 2023 के चुनाव में तीसरे नंबर पर रहीं। हालांकि सपा ने इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए रात-दिन एक कर दिया था।
पूर्व मंत्री माता प्रसाद पांडेय व डॉ. एसपी यादव भी घर-घर घूमे थे, लेकिन मुस्लिम मतों को अपनी तरफ खींचने में अपेक्षित सफलता हाथ नहीं लगी। उतरौला नगर पालिका परिषद में भाजपा ने वापसी की तो सपा टिकट बंटवारे को लेकर अंत तक प्रबंधन में अपने को मजबूत नहीं बना पाई। जिले के पांच नगर निकायों में सपा, बसपा व कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। कांग्रेस प्रत्याशी तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। दो नगर पालिका व एक नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा तथा नगर पंचायत की दो सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने सफलता हासिल की है।