बलरामपुर। उतरौला विधानसभा क्षेत्र के रामपुर ग्रिंट गांव के पास कुआनो नदी पर न रहा चोरघटा पुल बीते दस साल से एनओसी की फेर में अटका है। पुल को लेकर वन विभाग की तरफ से दाखिल आपत्ति निस्तारित न हो पाने के कारण स्वीकृति के बाद भी पुल का निर्माण अधर में है। पुल न बनने से बलरामपुर व सिद्धार्थनगर जिले की एक लाख से अधिक की आबादी को 15 से 50 किलोमीटर का चक्कर काट क गंतव्य तक पहुंचने की परेशानी उठाना पड़ रही है।
दो बार वन विभाग की आपत्ति से पुल का निर्माण बीच में ही रोका जा चुका है। इसके चलते ही पुल की लागत भी 3.46 करोड़ से बढ़कर 4.58 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वर्ष 2013-14 में उतरौला विधानसभा क्षेत्र के रामपुर ग्रिंट गांव के पास कुआनो नदी पर 3.46 करोड़ की लागत से चोरघटा पुल बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। इसके लिए नामित कार्यदायी संस्था सेतु निगम अयोध्या को निर्माण के लिए 2.30 करोड़ व लोक निर्माण खंड को दोनों तरफ एप्रोच निर्माण कराने के लिए 1.16 करोड़ की रुपये खर्च करना था। 19 फरवरी 2014 को दोनों कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य के लिए बजट भी आवंटित कर दिया गया।
इसके बाद पुल निर्माण में वन विभाग की आपत्ति का पेच फंस गया। निस्तारण बाद वर्ष 2019 में फिर से पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दो पिलर तैयार कराए गए। एक बार फिर वन विभाग की आपत्ति व एनओसी न देने के कारण पुल का निर्माण कार्य बीच में ही रोक देना पड़ा। (संवाद)
-चोरघटा पुल का निर्माण होने से बलरामपुर व सिद्धार्थनगर जिलों के 150 गांव क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी का आवागमन सुलभ बनेगा। साथ ही गोरखपुर व बस्ती जाने की राह भी आसान होगी। इस पुल के बनने से गोंडा जिले के गौरा क्षेत्र के गांवों के लोगों को फायदा मिलेगा। राकेश तिवारी, देवानंद तिवारी, अनिल कुमार व दिलीप कुमार ने बताया कि पुल न बनने से नाराज लोगों ने इस बार इसे चुनावी मुद्दा बनाने की भी ठानी है।