बलरामपुर। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की सरकारी मंशा विभागीय उदासीनता के चलते परवान नहीं चढ़ पा रही है। गांवों में बने अधिकतर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ महीनों गायब रहते हैं। बीते दिन एसीएमओ के निरीक्षण में चार सीएचओ और दो एएनएम बिना सूचना के गायब मिले। एसीएमओ की रिपोर्ट पर अनुपस्थित मिले सभी सीएचओ व एएनएम का वेतन रोक दिया गया है। सभी लोगों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
एसीएमओ बृजेश प्रताप सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कठौवा में तैनात सीएचओ स्पंदना यादव अनुपस्थित मिलीं। ग्रामीणों ने बताया कि सीएचओ महीने में एक ही दिन आती हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर गोड़वा के सीएचओ नरेंद्र भी बिना सूचना के गायब मिले। यहां की एएनएम शशि जाटव भी अनुपस्थित मिलीं। ग्रामीणों ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अक्सर बंद रहता है। सीएचओ जब आते हैं, तभी खुलता है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शिवानगर के सीएचओ रामलाल जाट व एएनएम मोनिका चौहान भी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। स्थानीय लोगों ने बताया कि सीएचओ डेढ़ माह से ड्यूटी पर नहीं आए हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर परसिया गोसाई की सीएचओ अर्चना यादव भी गायब मिलीं। बताया गया कि वह चार दिनों से ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं।
एसीएमओ ने बताया कि बिना सूचना के केंद्र से गायब रहना सीएचओ व एएनएम की घोर लापरवाही है। दायित्वों के प्रति लापरवाही मानते हुए अनुपस्थित मिली सीएचओ अर्चना यादव के चार दिन का तथा अन्य सभी सीएचओ व एएनएम का पूरे मई माह का वेतन रोका गया है। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को रिपोर्ट भेजी है।
मांगा गया स्पष्टीकरण, होगी कार्रवाई
एसीएमओ के निरीक्षण में बिना सूचना के गायब मिले सीएचओ व एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण का संतोषजनक जवाब न मिलने पर सभी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ बलरामपुर