बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ने दलित उत्पीड़न व दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। न्यायालय नौ जून को सजा पर अपना फैसला सुनाएगा।
विशेष लोक अभियोजक एससी एसटी एक्ट रणधीर सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति ने थाना हरैया में प्रार्थना पत्र दिया था कि उनकी बेटी के साथ गांव के ही मनीराम यादव ने 21 फरवरी 2022 की रात में नित्यकर्म के लिए जाते समय छेड़खानी की थी। पुलिस ने मुकदमा लिखकर विवेचना शुरू की।
पीड़िता के बयान व डॉक्टरी परीक्षण के बाद पुलिस ने दुष्कर्म की धारा को बढ़ाते हुए मनीराम के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट विनोद कुमार ने मनीराम को दलित उत्पीड़न व दुष्कर्म का दोषी करार दिया। न्यायाधीश के आदेश पर दोषी को जेल भेज दिया गया है। न्यायालय नौ जून को दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोषी को सजा सुनाएगा।