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मन कक्ष में छुड़ाई जाएगी बच्चों के मोबाइल की लत

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बलरामपुर। बच्चों में बढ़ रही मोबाइल के प्रयोग की लत को अब स्वास्थ्य विभाग छुड़ाएगा। इसके लिए जिला मेमोरियल अस्पताल में मन कक्ष स्थापित किया गया है। इस कक्ष में विशेषज्ञ बच्चों की काउंसलिंग तथा कुछ दवाओं के प्रयोग से उन्हें मोबाइल से दूर करेंगे।
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अक्सर देखने में आता है कि बच्चे दिनभर मोबाइल से चिपके रहते हैं। पबजी आदि गेम खेलने के लिए बच्चे आतुर रहते हैं। इस वजह से बच्चों का मन पढ़ाई व खेलकूद में भी नहीं लग रहा है।
बच्चों में तेजी से बढ़ रही इस प्रवृत्ति को अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। परिवारीजनों द्वारा मोबाइल छीनने पर बच्चे आक्रामक हो जाते हैं।
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परीक्षा में फेल होने तथा कम नंबर लाने से पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ऐसे में बच्चों को मोबाइल फोन से दूर करने के लिए सरकार ने सभी जिला अस्पतालों में मन कक्ष की स्थापना कराई है।
जिला मेमोरियल अस्पताल में भी मन कक्ष स्थापित किया गया है। इसमें ऐसे बच्चों की काउंसलिंग की जाएगी जिनका बचपन मोबाइल के चलते गुम हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में भी स्कूली बच्चों में मोबाइल एडिक्शन की बढ़ती प्रवृत्ति का खुलासा हुआ है। विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि 12 से 18 महीने तक के बच्चों में भी मोबाइल इस्तेमाल की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इससे बच्चों की आंखें भी खराब हो रही हैं।
सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि मन कक्ष में बच्चों की उम्र के हिसाब से उनकी काउंसलिंग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए काउंसलिंग के साथ-साथ दवाओं का भी सहारा किया जाएगा।
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