बलरामपुर। गंभीर मरीजों को जल्दी ही लखनऊ, गोंडा व बहराइच तक की दौड़ लगाने की परेशानी से छुटकारा मिल सकेगा। जिले में संचालित संयुक्त जिला अस्पताल में मरीजों को गंभीर व असाध्य बीमारियों के बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में 30 करोड़ की लागत से तैयार होने वाली क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) भवन के निर्माण का कार्य शुरू हुआ है। शासन स्तर से चार मंजिला भवन निर्माण के लिए 28.22 करोड़ व अन्य संसाधनों की खरीद के लिए 1.79 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इसका सीधा फायदा जिले की 20 लाख की आबादी को मिलेगा।
इस यूनिट का निर्माण जिला अस्पताल में औषधि भंडार के पास खाली पड़ी भूमि पर शुरू हुआ है। इसके बन जाने से गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ, गोंडा व बहराइच तक की दौड़ नहीं लगाना पड़ेगी। मरीजों की सुविधा के लिए सीसीयू के साथ ही पब्लिक हेल्थ लैब को भी तैयार कराया जाएगा। इन दोनों का निर्माण कार्य पूरा होने से अस्पताल में 24 घंटे गंभीर बीमारियों के परीक्षण व इलाज की सुविधा सुलभ हो सकेगी।
निर्माणाधीन सीसीयू में 100 बेड़ के अतिरिक्त वार्ड के साथ ही एक आधुनिक आपरेशन कक्ष (ओटी) भी बनेगी। सीसीयू के चार मंजिला नए भवन में इलाज से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं व संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। इसका निर्माण कार्य साल भर में पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिला मुख्यालय पर तीन जिला स्तरीय अस्पताल होने के बावजूद अभी तक एक भी क्रिटिकल केयर यूनिट नहीं है।
प्रस्तावित सीसीयू भवन का निर्माण कार्य तीन हजार वर्गमीटर में होगा। इसके फाउंडेशन का कार्य भी पूरा कर पिलर तैयार करने के लिए सरिया का जाल बिछाया जा रहा है। इसके पूरे होने के बाद निर्माण कार्य पूरी रफ्तार पकड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता आरएम मौर्या ने बताया कि क्रिटिकल केयर यूनिट क निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को मिली है
प्रस्तावित क्रिटिकल यूनिट में अचानक होने वाले कार्डियक अरेस्ट, सांस लेने में रुकावट व गंभीर एलर्जी से पीड़ित लोगों को तत्काल आईसीयू से जुड़ी सभी सुविधाएं मिल सकेगी। इसके क्रियाशील होने से हृदय, गुर्दा आदि रोगियों के इलाज में भी प्रभाव मदद मिलेगी। यह यूनिट पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, पोर्टेबल सोनोग्राफी, एडवांस इक्विपमेंट सहित जांच से जुड़े अन्य अत्याधुनिक उपकरणों से भी सुसज्जित होगी।