बलरामपुर में स्थित उतरौला कोतवाली।-संवाद
बलरामपुर। देशविरोधी गतिविधियों और धर्म परिवर्तन के मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी संज्ञान लिया है। सीबीआई की टीम बृहस्पतिवार को उतरौला कोतवाली पहुंची और जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा व उसके करीबियों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद टीम ने छांगुर के ठिकानों की भी पड़ताल की। आसपास के लोगों का बयान भी लिया।
सीबीआई टीम ने सबसे पहले उतरौला कोतवाली में छांगुर बाबा के खिलाफ पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी ली। छांगुर से जुड़े लोगों का भी ब्योरा हासिल किया। धर्म परिवर्तन के मामलों और छांगुर की संपत्तियों की जानकारी जुटाई। मधपुर में छांगुर बाबा की कोठी देखने के साथ ही आसपास के लोगों से बयान लिया। उसके पैतृक गांव रेहरा माफी जाकर भी जांच की। सीबीआई टीम ने वहां भी लोगों से छांगुर की सक्रियता के बारे में जानकारी ली। सीबीआई टीम प्रारंभिक जांच करके लौट गई। माना जा रहा है कि सीबीआई को छानबीन में अहम जानकारी मिली है। अब जांच का दायरा बढ़ेगा और सीबीआई भी छांगुर पर शिकंजा कसेगी। उतरौला कोतवाल अवधेश राज सिंह ने सीबीआई टीम के आने की पुष्टि की। कहा कि जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
एटीएस ने दो को किया था गिरफ्तार
मामले में एटीएस ने एफआईआर दर्ज कर बीते 10 अप्रैल को छांगुर के बेटे महबूब और धर्म परिवर्तन करने वाले नवीन रोहरा को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को भी एटीएस की टीम ने उतरौला पहुंचकर छांगुर की संपत्तियों की जांच-पड़ताल की थी। छांगुर से जुड़े आठ अन्य लोगों के बारे में भी छानबीन चल रही है।
केंद्रीय मंत्री से हुई थी छांगुर की शिकायत
छांगुर बाबा के तार कई प्रदेशों और जिलों में जुड़े होने की बात सामने आई। हरियाणा और महाराष्ट्र के साथ ही मुरादाबाद, नोएडा में भी छांगुर की जड़ें मजबूत होने की जानकारी सामने आई है। नोएडा की एक युवती ने भी छांगुर पर धर्म परिवर्तन कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया, जिसकी एफआईआर नोएडा के सेक्टर 113 थाने में दर्ज है। नोएडा पुलिस भी जांच कर रही है। पीड़िता के बयान का वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ था।
करीबियों में मची खलबली
सीबीआई जांच से छांगुर बाबा के करीबियों में खलबली मची है। कई लोग पहले से भूमिगत हो चुके हैं। कुछ सफेदपोश व सरकारी विभागों के कर्मचारी भी अब जांच के दायरे में आने की आशंका से सहमे हैं। बताया जा रहा कि थाने व तहसील के कर्मचारियों और अधिकारियों की शिकायत भी है। आरोप है कि राजस्व व पुलिस अधिकारी छांगुर बाबा का साथ देते रहे हैं। पूर्व में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों की जांच कराने की मांग हुई है।