बलरामपुर। रेहरा बाजार पुलिस ने कक्षा नौ के नाबालिग छात्र को वयस्क बताकर शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया। मामला पकड़ में आने पर न्यायालय ने नाबालिग को रिहा करते हुए रेहरा बाजार पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा है।
पेहर बाजार में भूमि विवाद के मामले में रेहरा बाजार पुलिस ने सोमवार को दो लोगों का शांतिभंग के आरोप में चालान किया था। दोनों को उप जिला मजिस्ट्रेट संतोष कुमार ओझा के समक्ष पेेश किया गया।
वहां एक आरोपी के पिता ने उप जिला मजिस्ट्रेट को बताया कि उसके बेटे की उम्र महज 15 साल है। पिता ने बेटे का आधार कार्ड भी दिखाया, जिसमें उसकी जन्मतिथि छह अगस्त 2007 दर्ज है। पिता ने कहा कि पुलिस ने गलत तरीके से उसके बेटे का चालान किया है। चालान में पुलिस ने उसकी उम्र 19 वर्ष बताई थी।
आरोपी नाबालिग ने न्यायालय को बताया कि विवाद के समय वह मोबाइल से वीडियो बना रहा था। इससे नाराज होकर पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई कर दी और पकड़कर थाने ले गए। फिर उसका चालान कर दिया। आरोपी ने बताया कि वह कक्षा नौ का छात्र है। इस पर न्यायालय ने नाबालिग को रिहा कर दिया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिन्हा ने बताया कि शांतिभंग में नाबालिग का चालान करना नियम विरुद्घ है। नाबालिग को वयस्क दर्शाकर चालान भेजकर न्यायालय को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है। एसडीएम उतरौला संतोष कुमार ओझा ने मामले में एसओ रेहरा बाजार से स्पष्टीकरण तलब किया है।