बलरामपुर के जिला कारागार में मिट्टी के बर्तन बनाते बंदी ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाकर बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई है। जिला कारागार में 25 पुरुष बंदियों का छह प्रशिक्षण सोमवार से शुरू किया गया। इंडियन बैंक स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की तरफ से बंदियों को मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जेल अधीक्षक विजय कुमार शुक्ल व कारापाल शैलेष कुमार सिंह सोनकर ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। कहा कि प्रशिक्षण से बंदियों को जेल से रिहा होने के बाद स्वयं का कारोबार करने का मौका मिल सकेगा। डिप्टी जेलर अभय कुमार यादव व राम प्रवेश की तरफ से बंदियों को मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाने के लिए जेल में संसाधन मुहैया कराए गए हैं। आरसेटी निदेशक पंकज वर्मा ने बताया कि संस्था के वरिष्ठ संकाय इंद्रेश कुमार पटेल की तरफ से जेल के 25 बंदियों को छह दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रतिभाग करने वाले बंदियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इसके आधार पर भविष्य में रोजगार स्थापित करने के लिए बैंक से कम ब्याज पर ऋण सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को कौशल प्रदान करना है, ताकि रिहाई के बाद वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और आर्थिक रूप से मजबूत व स्वतंत्र हो सकें। प्रशिक्षक सोहन लाल की तरफ से बंदियों को मिट्टी से बर्तन व खिलौने बनाने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाने का तरीका सीखने वाले महिला बंदियों में काफी उत्साह रहा।