बलरामपुर। जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उपभोक्ता घंटों बिजली गुल रहने और कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। उमस भरी गर्मी में बिजली संकट के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। जिला मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान के पास बृहस्पतिवार रात 11 केवी केबल बॉक्स जलने से तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।
यहां के उपभोक्ता कमलेश, महेश और प्रदीप ने बताया कि लोड बढ़ने के कारण आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित होती है, लेकिन विभागीय अधिकारी समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर रहे हैं। पूरबटोला और भगवतीगंज उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में भी ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। नगर के भगवतीगंज, आनंदबाग, चिकनी, अलीजानपुरवा और नौशहरा मोहल्लों में शुक्रवार को दिनभर कई बार बिजली की आवाजाही होती रही।
पचपेड़वा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शंकरपुर कला में ट्रांसफार्मर खराब होने से चार दिनों से ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान ब्रजकिशोर चौधरी समेत घनश्याम, मोहम्मद उमर, नूर आलम, फतेह मोहम्मद और जितेंद्र चौधरी ने बताया कि करीब एक महीने पहले ट्रांसफार्मर बदला गया था, लेकिन लगाने के बाद से यह बार-बार खराब हो रहा है।
महराजगंज तराई उपकेंद्र के उपभोक्ता धर्मेंद्र सिंह, उजागर वर्मा, गोविंद, अंकित सिंह और पवन ने बताया कि लालबोझी, फिरोजपुर, जुगलीकला, रामनगर खुर्द, रामनगर कला, दादव और मोतीपुर में तकनीकी खराबी के कारण करीब 15 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है।
हरैया सतघरवा क्षेत्र के चौधरीडीह फीडर में बृहस्पतिवार रात तकनीकी खराबी के कारण करीब 10 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। अवर अभियंता अजीत सिंह ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी।
बिजली उपकेंद्र का घेराव कर जताया विरोध
गैसड़ी क्षेत्र में बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार रात नौ बजे विद्युत उपकेंद्र परसा पलईडीह पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिसकर्मियों के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। उपभोक्ता रामसूरत, संजय, जावेद, अली हसन, दीनानाथ, अजीत, रविंदर, अरविंद, दिलीप और रामसागर ने बताया कि पिछले 15 दिनों से बिजली कटौती की स्थिति बेहद खराब है। 24 घंटे में पांच घंटे भी नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। रात में लोग छतों या घरों के बाहर सोने को मजबूर हैं। अंधेरा होने से चोरी का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रोस्टर के अनुसार आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वह बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।