बलरामपुर। स्कूल की छुट्टी के बाद रोज की तरह बच्चे हंसते-खेलते बस से घर लौट रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में उनका एक साथी हमेशा के लिए उनसे बिछड़ जाएगा। बस से उतरते समय हुए हादसे में 11 वर्षीय सत्यम वर्मा की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने बस में मौजूद बच्चों के मन पर गहरा असर छोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देहात कोतवाली क्षेत्र के चिल्हीकला गांव में बस रुकने पर सत्यम उतर रहा था। इसी दौरान चालक ने बस आगे बढ़ा दी। बस में बैठे बच्चों ने जोर-जोर से आवाज लगाई, भैया उतर नहीं पाए... बस रोकिए... , लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सत्यम बस के पहिए की चपेट में आ गया।
हादसा होते ही बस में चीख-पुकार मच गई। कई बच्चे डर से रोने लगे, जबकि कुछ खिड़की से बाहर देखकर स्तब्ध रह गए। कुछ क्षण पहले तक बच्चों की चहल-पहल से गूंज रही बस अचानक सन्नाटे में बदल गई।
ग्रामीणों ने बताया कि सत्यम अपने साथियों के बीच बेहद लोकप्रिय था और रोज उन्हीं बच्चों के साथ स्कूल आता-जाता था। सोमवार को भी वह हंसते हुए स्कूल से निकला था, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही उसकी जिंदगी की यात्रा समाप्त हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां बेटे का नाम लेकर बिलखती रही, जबकि पिता रामनिवास वर्मा समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि चालक बच्चे के सुरक्षित उतरने तक बस न बढ़ाता तो हादसा टल सकता था। उनका यह भी आरोप है कि बस में परिचालक नहीं था। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि सूचना देर से मिली थी। मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।