बलरामपुर के श्रीदत्तगंज में आल्हा सुनाते गायक ।
श्रीदत्तगंज/ सादुल्लाहनगर। नाग पंचमी पर सोमवार को श्रीदत्तगंज व सादुल्लाहनगर क्षेत्र में आयोजित आल्हा गायन कार्यक्रमों ने लोक संस्कृति व वीरता की परंपरा को जीवंत किया। ग्रामीणों ने देर रात तक वीर आल्हा-ऊदल की शौर्यगाथाओं का आनंद लिया। वक्ताओं ने कहा कि आल्हा गायन मनोरंजन के साथ भारतीय लोक परंपरा और पूर्वजों की वीर गाथाओं को संरक्षित रखने का प्रभावी माध्यम है।
श्रीदत्तगंज के चमरूपुर स्थित राजिंदर चौराहा सरयू नहर पर कार्यक्रम में आल्हा गायक राजू ने गायन शुरू किया तो पंडाल तालियों व जयकारों से गूंज उठा। हनुमान, चिन्नू व अबरार की संगत तथा ढोलक, झाल व हारमोनियम ने माहौल उत्साहपूर्ण बनाया। अहरौला नगवा के कलाकारों ने युद्ध गाथाओं का सजीव गायन किया। चमरूपुर, बगहिया, मुजहना, महदेइया, चीती व जगदेवा समेत कई गांवों के लोग मौजूद रहे।
सादुल्लाहनगर के सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में प्रख्यात गायक अमजद ने ओजपूर्ण गायकी की। मंदिर सेवा समिति अध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को लोक संस्कृति, वीरता व राष्ट्रभक्ति नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया।
बलरामपुर के श्रीदत्तगंज में आल्हा सुनाते गायक ।