नेपाल सीमा पर तेजी से हो रहे विकास कार्यों ने जिले की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। सीमावर्ती व्यापार को नई दिशा देने के लिए भंसार (कस्टम चौकी) के साथ अब ट्रांसपोर्ट हब की स्थापना की तैयारी चल रही है। एमएलसी साकेत मिश्र ने इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। तय समय में काम पूरा हुआ तो बलरामपुर प्रदेश का एक बड़ा ट्रांसपोर्ट और व्यापार केंद्र के रूप में उभरेगा।
साकेत मिश्र ने मंगलवार को बताया कि बलरामपुर की भौगोलिक स्थिति इसे वाणिज्यिक दृष्टि से विशेष बनाती है। यहां नेपाल से आने-जाने वाले वाहनों की बड़ी संख्या है, लेकिन अब तक कोई संगठित ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित नहीं हो पाया है। ट्रांसपोर्ट हब बनने से व्यापारियों को सुविधा मिलेगी और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
स्थानीय व्यापारी रमेश पहवा का कहना है कि यदि ट्रांसपोर्ट हब बनता है, तो जिले में गोदाम, सर्विस सेंटर और वाहन मरम्मत केंद्र जैसी औद्योगिक इकाइयां विकसित होंगी। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा और सीमावर्ती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
एयरपोर्ट विस्तार से बढ़ी संभावना
श्रावस्ती एयरपोर्ट के विस्तार कार्य का बड़ा हिस्सा बलरामपुर सीमा में है। इससे पर्यटन, व्यापार और परिवहन में समान रूप से संभावनाएं बढ़ी हैं। रामायण सर्किट के तहत देवीपाटन, तुलसीपुर और बलरामपुर को जोड़ने की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है। इधर, नेपाल सीमा पर प्रवेश द्वार का निर्माण शुरू हो गया है। इससे सीमा पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा। व्यापारी श्याम बिहारी का कहना है कि ट्रांसपोर्ट हब बनने से यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा और सीमावर्ती क्षेत्र में ठहराव की जगह अब गति आएगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब बलरामपुर ‘सीमांत’ नहीं, बल्कि ‘व्यापारिक द्वार’ के रूप में पहचाना जाएगा।