गोंडा। इस समय पड़ रही कड़ाके की सर्दी में प्रशासनिक व्यवस्था धड़ाम है। नगर पालिका की तरफ से रोडवेज के पास 20 बेड का अस्थाई रैन बसेरा तो बना दिया गया है, लेकिन इसमें ठंड से बचने के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं की गई है। रैन बसेरे में हल्के कंबल हैं। यहां ठहरे भदोही निवासी जितेंद्र ने बताया कि रैन बसेरे में हल्के कंबल रखे गए हैं। इसमें गलन वाली सर्द रात काटना मुश्किल हो गया। एक और कंबल व गद्दा ओढ़कर किसी तरह रात बितायी।
मुंबई से आए यात्री इरफान खान का कहना है कि उन्हें इटियाथोक जाना था, लेकिन उनकी ट्रेन लेट होने से उन्हें कोई सवारी नहीं मिल पाई इसलिए रैन बसेरे में रुक गए। उन्होंने बताया कि यहां पर कंबल की गुणवत्ता खराब है। रजाई की व्यवस्था नहीं है। शीतलहरी में सरकारी व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। पूरी रात ठंड से परेशान रहे। रैन बसेरे के पास अलाव की भी व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए। इसके अलावा पूरे शहर में अभी भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
नगर पालिका परिषद के सारे दावे कागजों तक सीमित रह गए हैं। सर्दी की शुरुआत होते ही रात गुजारने वाले मुसाफिरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रैन बसेरे में रात गुजारने वाले लोगों को बिना आधार कार्ड के एंट्री नहीं दी जाएगी। ऐसे में लोगों को और भी परेशानी झेलनी पड़ेगी। यहां दो कर्मचारियों की तैनाती की गई है। तैनात कर्मचारी रवींद्र कुमार ओझा ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए आधार कार्ड जरूरी किया गया है।
रात 11.45 बजे बस स्टेशन परिसर में कौड़िया थाना क्षेत्र के कई लोग खड़े थे। पूछने पर बताया कि एक घंटे से बहराइच जाने वाली बस का इंतजार कर रहे हैं। रात को 12 बजने वाले हैं, लेकिन यहां अलाव नहीं जलाया गया है। सर्दी भरी रात में कहां रुककर बस का इंतजार करें यह समझ में नहीं आ रहा। प्रशासन को अलाव के इंतजाम कराने चाहिए।
-एडीएम सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि अलाव की व्यवस्था न करना अत्यंत गंभीर विषय है। नगर मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर और नगर पालिका परिषद के ईओ संजय कुमार मिश्र इसके लिए प्रमुख रूप से उत्तरदायी हैं। जिला मुख्यालय पर अलाव का इंतजाम न होने की जांच कराई जाएगी। रैन बसेरे में भी कंबल और बेहतर दिया जाएगा। संबंधित अफसरों से जवाब तलब किया जाएगा।