नवाबगंज (गोंडा)। अयोध्या के सरयू तट पर स्थित एक होटल में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष महोत्सव के चौथे दिन बृहस्पतिवार को ज्योतिष गुरु संजय रथ ने भगवान श्रीराम के जीवन पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि भरत श्रीराम के दाहिने हाथ थे जो राजधर्म में पूरा विश्वास रखते हैं। जिनकी तपस्या श्रीराम की भांति अपनी ही भूमि अयोध्या रही। 14 वर्ष अपने दांपत्य जीवन का भी त्याग किया और राजधर्म निभाते हुए अपनी माता कैकेई को भी दंडित किया। जिस प्रकार मां कौशल्या अपने पुत्र राम को न देख सकीं न छू सकीं। उसी प्रकार भरत अपने तपोस्थली पर रहने के बावजूद माता कैकेई अपने पुत्र भरत को देखने और छूने से 14 वर्ष तक वंचित रहीं। आयोजक पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने देश विदेश से आए सभी ज्योतिषियों का स्वागत किया। दोपहर के बाद सभी ज्योतिषी सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह के साथ उनके पैतृक गांव विश्नोहरपुर गए। नवाबगंज में मंहगूपुर मोड़ पर जितेंद्र तिवारी, सुशील पांडेय, डाॅ. मिथलेश पांडेय, नवनीत पांडेय, ज्ञानप्रकाश, बृजभूषण पांडेय, कल्लू, दिव्यांशु ने माला पहनाकर कर स्वागत किया।