बलरामपुर। भाजपा ने गैसड़ी विधानसभा के उपचुनाव में पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह उर्फ शैलू पर फिर भरोसा जताया है। मंगलवार को जारी सूची में उन्हें प्रत्याशी घोषित किया गया। गैसड़ी से सपा विधायक रहे डाॅ. शिव प्रताप यादव का बीमारी के चलते 26 जनवरी को निधन हो गया था। उनके बेटे राकेश यादव को सपा पहले ही प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। बसपा ने भी पार्टी के स्थानीय नेता हारिस फिदा बाबा को मैदान में उतारा है। तीनों दलों के प्रत्याशी तय होने से उपचुनाव की सियासत भी तेज हो गई है।
गैसड़ी क्षेत्र के चरनगहिया गांव के शैलेश कुमार सिंह ने राजनीति की शुरूआत छात्र जीवन से ही शुरू की थी। लखनऊ विश्वविद्यालय में वर्ष 1999 में छात्रसंघ महामंत्री और 2000 में अध्यक्ष चुने गए। इसके बाद 2006 में शैलू ने लखनऊ में महापौर का चुनाव लड़कर शहरी राजनीति की ओर भी कदम बढ़ाए लेकिन सफलता नहीं मिली। 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से ही चुनाव मैदान में उतरे। चुनाव हारने के बाद भी शैलू क्षेत्र में डटे रहे। 2017 में फिर भाजपा से चुनाव लड़े और जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा पहुंचे। उस समय इन्होंने सपा के कद्दावर नेता डाॅ. एसपी यादव को हराया था। हालांकि शैलू जीत का सिलसिला कायम नहीं रख सके और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के डाॅ. एसपी यादव से पराजित हो गए। अब डाॅ. एसपी यादव के निधन के बाद उपचुनाव में भाजपा ने एक बार फिर शैलू को मौका दिया है।
लोकसभा चुनाव के साथ हो रहे गैसड़ी विधानसभा उपचुनाव में 413 बूथों पर दोनों पदों के लिए वोट पड़ेंगे। गैसड़ी में 3,60,708 मतदाता हैं। इसमें 1,92,889 पुरुष, 1,67,794 महिलाएं व 25 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। जनजातियों के साथ ही यहां पर पिछड़े, मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग के मतदाताओं की संख्या अधिक है। सभी दल हर वर्ग के मतदाताओं को जोड़ने के लिए जोर लगाए हैं।