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बाढ़ से आवागमन में बढ़ी परेशानी

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फोटो-9-बलरामपुर में बाढ़ के बीच नाव पर बैठकर थरूनिया व अन्य गांवों को जाते लोग।-संवाद - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। सोमवार को एक दिन के लिए राप्ती नदी में आई बाढ़ ने लोगों को कई घाव दे दिए हैं। तटवर्ती तथा निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। कई गांव के लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। तमाम रास्तों पर पानी भरा होने से आवागमन में दिक्कत हो रही है।
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सप्ताह के अंत में तीन दिनों तक हुई भारी बारिश के चलते पहले पहाड़ी नालों में उफान आया। सोमवार सुबह राप्ती नदी भी खतरे के निशान से 22 सेमी ऊपर पहुंच गई है। राप्ती नदी की बाढ़ का सिलसिला केवल 24 घंटे ही रहा। मंगलवार को नदी का जलस्तर काफी घट गया। जलस्तर में कमी बुधवार को भी जारी रही। एक दिन की बाढ़ के चलते तुलसीपुर तथा उतरौला तहसील के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए। गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के देवलहा तथा गोविंदपुर गांव में लोगों को घर से बाहर जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। अमननगर, टेंगनहवा, बाड़ीबिजुलिया, थरुआ, थरुनिया, देवलहा, गोपलापुर, मिश्रौलिया, बिचौआपुर, डिहवा तथा वीरपुर आदि गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इन गांव के रास्ते में पानी भरा होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं।
दलहनी फसल डूबी
गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग पर भी भुुसैलवा डिप पर बाढ़ का पानी भरा होने से लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी आवागमन बाधित है। उतरौला तहसील क्षेत्र के बिरदा बनियाभारी, लालाजोत, फत्तेजोत, फगुइया व मझारी बाझिल सहित करीब 20 गांव राप्ती की बाढ़ के चलते प्रभावित है। प्रभावित गांवों में सैकड़ों बीघे धान व दलहनी फसल पानी में डूबी हुई है।
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तेजी से घट रहा बाढ़ का पानी
बीते दिनों राप्ती नदी में आई बाढ़ के कारण जो गांव प्रभावित हुए थे वहां पर पानी तेजी से घट रहा है। प्रभावित गांवों को सरकारी नाव आदि उपलब्ध करा दी गई है। आने वाले एक-दो दिन में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
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राम अभिलाष, एडीएम/आपदा अधिकारी बलरामपुर
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