बलरामपुर के एसीएमओ डॉ.बीपी सिंह को लखनऊ में सम्मानित करते महाप्रबंधक सलिल कुमार श्रीवास्तव।
बलरामपुर। गांव में बने उपकेंद्रों पर ऑनलाइन कंसलटेंसी के जरिए मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने में बलरामपुर जिला देवीपाटन मंडल में अव्वल आया है। बीते ढाई साल में जिले के एक लाख 36 हजार 24 मरीजों को ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से ओपीडी की सुविधा मिली है। ऑनलाइन ओपीडी कराने में गोंडा जिला मंडल में सबसे फिसड्डी साबित हुआ है।उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत करने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने ई-संजीवनी पोर्टल सुविधा शुरू की। इस पोर्टल के जरिए कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर उपकेंद्र पर आने वाले गंभीर मरीजों का उपचार ऑनलाइन कंसलटेंसी के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों से कराते हैं। चिकित्सकीय सलाह के बाद मरीजों को केंद्र से मुफ्त दवा भी दी जाती है।
जुलाई 2020 से अब तक जिले के एक लाख 36 हजार 24 मरीजों का इलाज ई-संजीवनी पोर्टल से हुआ है। ऑनलाइन कंसलटेंसी में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर बलरामपुर को देवीपाटन मंडल में पहला व यूपी में 18वां स्थान मिला है। इस उपलब्धि पर कम्यूनिटी प्रोसेस के महाप्रबंधक सलिल कुमार श्रीवास्तव ने एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह को लखनऊ में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।
मंडल में जिलों की रैंकिंग
एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि एक लाख 36 हजार 24 ओपीडी के साथ बलरामपुर मंडल में पहले व बहराइच दूसरे स्थान पर रहा है। जबकि श्रावस्ती तीसरे और गोंडा जनपद चौथे स्थान पर है।
मरीजों ने साझा किया अनुभव
जुआथान निवासी राजेेश ने बताया कि शुगर व बीपी की दवा छह महीने से ले रहा हूं। पहले आराम नहीं था लेकिन फिजीशियन से ऑनलाइन कंसलटेंसी के बाद राहत मिली है। संतोष व प्रमिला ने बताया कि कई अस्पतालों में शरीर पर हो रहे दाग का इलाज कराया था। एक दिन सीएचओ ने मोबाइल पर एक डॉक्टर से बात कराकर दवा लिखाई थी। उसके बाद से बहुत आराम है। इसी तरह जगदीश, सोनू, रिजवान व विनीत आदि ने भी ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा को बेहतर बताया।
154 केंद्रों पर ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा
बेहतर चिकित्सकीय सुविधा के लिए 154 हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर पर ऑनलाइन कंसलटेंसी होती है। यहां सीएचओ ई-संजीवनी पोर्टल के जरिए मरीजों का इलाज स्पेशलिस्ट से कराते हैं। शेष बचे सेंटरों पर यह सुविधा जल्द शुरू करा दी जाएगी।
- डॉ. सुशील कुमार सीएमओ